नयी दिल्ली , जून 15 -- देश के वस्तु निर्यात में मई में 18 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि के साथ चालू वित्त वर्ष के दो महीनों, अप्रैल-मई 2026-27 के दौरान देश का कुल निर्यात (वस्तु एवं सेवाएं) 162.69 अरब डॉलर होने का अनुमान है, जो एक साल पहले इसी अवधि के 141.89 अरब डॉलर की तुलना में 14.66 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

मई में मई 2026 में भारत का माल वस्तु सालाना आधार पर 18 बढ़कर रिकार्ड 45.20 अरब डॉलर रहा। इस दौरान आयात के इससे भी कहीं तेज 20.6 प्रतिशत वृद्धि की साथ 73.41 अरब डॉलर पर पहुंचने से आलोच्य माह में व्यापार घाटा बढ़कर 28.21 अरब डॉलर पर पहुंच गया। पिछले साल मई में वस्तु निर्यात 38.30 अरब डॉलर और आयात 60.86 अरब डॉलर था।

सेवा निर्यात अपना जोरदार प्रदर्शन जारी रखते हुए इस बार मई में अनुमानित 36.76 अरब डॉलर पर पहुंच गया जो पिछले साल 32.64 अरब डॉलर रहा। इस दौरान सेवा आयात एक साल पहले के 16.70 अरब डॉलर की तुलना में बढ़ कर अनुमानित 19.06 अरब डॉलर के बराबर रहा।

पश्चिम एशिया के संघर्ष और अन्य भ-राजनीतिक चुनौतियों के चलते आपूर्ति श्रृंखलाओं और लॉजिस्टिक्स की बाधाओं के बावजूद वस्तु निर्यात क्षेत्र का प्रदर्शन बढिया रहा है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार पहले दो महीनों में वस्तु निर्यात 88.91 अरब डॉलर था का था जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 76.59 अरब डॉलर से 16.09 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि दर्शाता है। पहले दो माहीनों में गैर-पेट्रोलियम निर्यात 70.74 अरब डॉलर रहा जो एक साल पहले की इसी अवधि के 64.03 अरब डॉलर की तुलना में 10.49 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

मई में वस्तु निर्यात मई 2026 में वस्तु निर्यात वृद्धि के प्रमुख कारकों में पेट्रोलियम उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान, कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन, इलेक्ट्रॉनिक सामान और रत्न एवं आभूषण शामिल हैं।

पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात मई 2025 के 5.44 अरब डॉलर की तुलना में इस बार मई में 8.42 अरब डॉलर रहा जो 54.89 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

मई में इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात एक साल पहले के 9.89 अरब डॉलर की तुलना में 12.31 अरब डॉलर तक पहुंच गया जो 24.48 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। मई में अकार्बनिक रसायनों के निर्यात में 12.71 प्रतिशत ,इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के निर्यात में ,11.62 प्रतिशत , रत्न और आभूषणों के निर्यात में 6.66 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी।

मई 2026 में भारत का कुल निर्यात (वस्तु और सेवाएं मिलाकर) 81.96 अरब डॉलर होने का अनुमान है, जो मई 2025 की तुलना में 15.83 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। मई में कुल आयात 92.47 अरब डॉलर होने का अनुमान है। यह मई 2025 की तुलना में 19.23 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि दर्शाता है।

आंकड़ों के अुनसार इस वर्ष मई में अन्य अनाजों के निर्यात में 262.73 प्रतिशत की वृद्धि पेट्रोलियम उत्पाद (54.89 प्रतिशत), मांस, डेयरी और पोल्ट्री उत्पाद (42.51 प्रतिशत), तेल खली (24.61 प्रतिशत), इंजीनियरिंग सामान (24.48 प्रतिशत), हस्तशिल्प (हस्तनिर्मित कालीन के अतिरिक्त) (23.85 प्रतिशत), प्लास्टिक और लिनोलियम (21.82 प्रतिशत), लौह अयस्क (14.76 प्रतिशत), कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन (12.71 प्रतिशत), इलेक्ट्रॉनिक सामान (11.62 प्रतिशत), रत्न और आभूषण (6.66 प्रतिशत), औषधियाँ और फार्मास्यूटिकल्स (6.13 प्रतिशत), चावल (5.38 प्रतिशत), अनाज से बने उत्पाद और विविध प्रसंस्कृत वस्तुएँ (4.4 प्रतिशत), कॉफी (4.37 प्रतिशत) और सूती धागा-कपड़ा- कपड़े से तैयार उत्पाद, हथकरघा उत्पाद आदि के निर्यात में सालाना आधार पर 1.89 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी।

मई 2026 के दौरान चांदी (-86.65 प्रतिशत), परियोजना सामग्री (-64.05 प्रतिशत), रासायनिक सामग्री और उत्पाद (-63.58 प्रतिशत), मोती, कीमती और अर्ध-कीमती पत्थर (-26.5 प्रतिशत), लोहा और इस्पात (-12.47 प्रतिशत), लुगदी और बेकार कागज (-9.93 प्रतिशत), मशीन टूल्स (-8.14 प्रतिशत), अखबारी कागज (-6.69 प्रतिशत), कपड़ा यार्न फैब्रिक, तैयार वस्तुएं (-3.68 प्रतिशत), और लकड़ी के उत्पाद (-3.65 प्रतिशत) का आयात गिरा।

इस बार मई में सिंगापुर को हुए निर्यात में सालाना आधार पर 68.96 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। दक्षिण अफ्रीका (116.21 प्रतिशत), तंजानिया (196.89 प्रतिशत), इटली (87.54 प्रतिशत) और श्रीलंका के लिए निर्यात में भी (150.29 प्रतिशत) की उल्लेखनीय वृद्धि दिखी ।

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