पटना , अक्टूबर 29 -- ारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद संजय जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि चुनाव आयोग पर सवाल उठाकर विपक्ष लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है।श्री जायसवाल ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत आज आयोजित विशेष संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विपक्ष चुनावी हार के बाद अब संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाकर लोकतंत्र, संविधान और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधान परिषद चुनाव के परिणाम ने कांग्रेस के दावों की पोल खोल दी है।

श्री जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग करती रही है। उन्होंने कहा कि विधान परिषद चुनाव में प्रेफरेंशियल वोटिंग के कारण बैलेट से मतदान होता है। इसके बावजूद 28 सीटों में कांग्रेस को केवल एक सीट मिली है। उन्होंने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी कांग्रेस सभी चार सीटें हार गई। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार चुनावी हार के बावजूद जनता के बीच भ्रम फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करने की राजनीति कर रही है।

‎भाजपा सांसद ने कहा कि एसआईआर का अधिकार संविधान के तहत चुनाव आयोग को प्राप्त है और वर्ष 1950 से यह व्यवस्था लागू है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी आठ बार एसआईआर हो चुका है, जिनमें सात बार कांग्रेस के शासनकाल में यह प्रक्रिया अपनाई गई। उन्होंने कहा कि बिहार में पिछले वर्ष एसआईआर के दौरान 47 लाख मतदाताओं के नामों में सुधार किया गया। इनमें मृत, दूसरे स्थान पर स्थानांतरित और दोहरी प्रविष्टियों वाले मतदाता शामिल थे। उन्होंने दावा किया कि एक वर्ष बाद भी इन नामों के सुधार को लेकर किसी प्रभावित व्यक्ति के सामने आने की जानकारी नहीं है।‎उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए भारतीय नागरिकता, 18 वर्ष की आयु और संबंधित स्थान का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। उन्होंने विपक्ष पर घुसपैठियों के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत का संविधान किसी विदेशी घुसपैठिए को मतदान का अधिकार नहीं देता। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में त्रुटि होने पर संबंधित व्यक्ति नोटिस का जवाब देकर और निर्वाचन अधिकारियों से संपर्क कर सुधार करा सकता है।

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