मुंबई , जनवरी 14 -- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने चुनाव आयोग के हालिया फैसले को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि इससे सत्ता पक्ष को हारा हुआ चुनाव जीतने में मदद मिल सकती है।

श्री राज ठाकरे ने बुधवार को संवाददाताओं से बातचीत में चुनाव आयोग के उस निर्णय पर आपत्ति जताई, जिसमें नगर निकाय चुनाव प्रचार समाप्त होने के एक दिन बाद भी उम्मीदवारों को बिना प्रचार सामग्री के मतदाताओं से मिलने की अनुमति दी गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह ढील सत्ता में बैठे लोगों को जन असंतोष के बावजूद जीत दिलाने के लिए दी गई है।

चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार, मतदान से एक दिन पहले शाम 5 बजे तक उम्मीदवार मतदाताओं से मिल सकते हैं, बशर्ते वे पर्चे न बांटें, नारे न लगाएं, भाषण न दें और न ही कोई बैठक आयोजित करें। इस फैसले की आलोचना करते हुए राज ठाकरे ने एक आपात प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई, जिसमें शिवसेना (ठाकरे गुट) के प्रमुख उद्धव ठाकरे भी मौजूद रहे।

श्री राज ठाकरे ने कहा, "मतदान की पूर्व संध्या पर पर्चे बांटने पर रोक है, लेकिन क्या यह अनुमति पैसे बांटने के लिए दी गई है?" उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि यह नियम पहले से मौजूद था, तो विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान इसे सख्ती से क्यों लागू नहीं किया गया।

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