मोहाली , मई 4 -- पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने सोमवार को मोहाली के गांव सनेटा में मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा आयोजित "लोक मिलनी" कार्यक्रम को "फ्लॉप शो" करार दिया है।

श्री सिद्धू ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि "लोक मिलनी" के नाम पर आयोजित यह कार्यक्रम लोगों से सीधे संवाद करने के बजाय महज एक औपचारिकता बनकर रह गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मंच से बोलते रहे, जबकि विधायक कुलवंत सिंह उनके पीछे मुस्कुराते हुए खड़े रहे, लेकिन उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र से जुड़ा कोई भी महत्वपूर्ण मुद्दा नहीं उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि लोक मिलनी असल में "पुलिस मिलनी" बनकर रह गई। उन्होंने कहा कि भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण आम लोगों को मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंचने दिया गया।

उन्होंने दावा किया कि पंजाब में जो भी सरकार के खिलाफ बोलता है, उसे खामोश कर दिया जाता है। इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए सिद्धू ने कहा कि सरकार लोगों की सुनने के बजाय उनकी आवाज दबा रही है। नशे के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार नशे की समस्या से निपटने में पूरी तरह विफल रही है। पंजाब में चिट्टे का कहर कम होने के बजाय बढ़ रहा है, जबकि सरकार सिर्फ विज्ञापनों और फोटो-अप तक सीमित है। विकास के मुद्दे पर उन्होंने घोषित 40 लाख के अनुदान पर भी सवाल उठाए। सिद्धू के अनुसार, यह राशि क्षेत्र की जरूरतों के मुकाबले बहुत कम है और इसे एक मजाक के रूप में देखा जा सकता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बने स्वास्थ्य केंद्र के विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय सनेटा गांव में रिकॉर्ड विकास कार्य कराए गए थे। तालाब के विकास, पंचायत भवन, पीने के पानी, गलियों और नालियों के साथ-साथ स्कूलों, सामुदायिक केंद्रों के लिए धन आवंटित किया गया था और Rs.4 करोड़ की अस्पताल परियोजना भी दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार हर क्षेत्र-बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवा, रोजगार और कानून-व्यवस्था-में विफल रही है। किसान बिजली कटौती से परेशान हैं, युवा बेरोजगार हैं, अस्पतालों में सुविधाओं का अभाव है और लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

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