नयी दिल्ली , जुलाई 28 -- घरेलू बाजार में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने इसके भंडारण की सीमा तय कर दी है।

नये नियमों के अनुसार, चीनी का कोई भी डीलर कोई भी स्टॉक 30 दिन से अधिक अपने पास नहीं रख सकेगा। साथ ही चार हजार क्विंटल से अधिक चीनी के भंडारण पर रोक लगा दी गयी है।

उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि यह आदेश 01 अगस्त 2026 से चार महीने के लिए जारी रहेगा।

आदेश में कहा गया है, "चीनी का कोई भी डीलर ऐसे स्टॉक की प्राप्ति की तारीख से 30 दिन से ज्यादा की अवधि के लिए किसी स्टॉक का भंडारण नहीं करेगा। देश में किसी भी समय और किसी भी स्थान पर 4,000 क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रखेगा।"उल्लेखनीय है कि चीनी की एक्स-मील कीमत में पिछले एक महीने में करीब 15 प्रतिशत का उछाल आया है। इससे खुदरा बाजार में दाम लगभग 10 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ गये हैं। इसे देखते हुए सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए यह आदेश जारी किया है जो 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।

सरकार ने डीलरों के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर चीनी के स्टॉक की स्थिति घोषित करना और नियमित रूप से उसे अपडेट करना अनिवार्य कर दिया गया है।

आदेश में कहा गया है कि राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश चीनी भंडारण की सीमा अपने अधिकार क्षेत्र के लिए और कम रख सकती हैं, लेकिन किसी भी स्थिति में इसे बढ़ाने का अधिकार उनके पास नहीं होगा।

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