श्योपुर , अक्टूबर 30 -- मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीते की गोली मारकर हत्या किए जाने के विरोध में वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय संगठनों ने आक्रोश जताया है। गुरुवार को कूनो संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। समिति ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का आग्रह किया।

समिति के संयोजक अतुल चौहान के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने वन सुरक्षा में कथित लापरवाही और अवैध कटाई को लेकर सवाल उठाए। ज्ञापन में मांग की गई कि जांच केवल चीते की हत्या तक सीमित न रहे, बल्कि इसके पीछे सक्रिय शिकारियों के संभावित नेटवर्क का भी पता लगाया जाए।

समिति ने दावा किया कि पूर्व में श्योपुर क्षेत्र से शिकार किए गए वन्यजीवों की खालें आगरा में बरामद हो चुकी हैं, जो अंतरराज्यीय शिकारी गिरोह की सक्रियता की ओर संकेत करती हैं। प्रदर्शनकारियों ने मामले में जिम्मेदार वन अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने तथा वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की।

उल्लेखनीय है कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान से जुड़े 19 माह के नर चीते केएनजी-22, जो मादा चीता निर्वा का शावक था, की गोली लगने से मौत हो गई। चीता 25 अक्टूबर को मुरैना और श्योपुर के वन क्षेत्र में घायल अवस्था में मिला था। जबलपुर में उपचार और आपात सर्जरी के दौरान उसके शरीर से पांच छर्रे निकाले गए, लेकिन 27 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई।

मध्यप्रदेश सरकार ने घटना की जांच के लिए वन और पुलिस अधिकारियों की विशेष कार्यबल (एसटीएफ) गठित की है। वहीं, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के अधिकारियों वाली उच्चस्तरीय टीम भेजी है। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थानीय प्रबंधन से पूछताछ की है। पुलिस ने मामले में कथित रूप से संलिप्त कुछ स्थानीय लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

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