भरतपुर , अप्रैल 19 -- चीता केपी-2 के मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान से निकलकर राजस्थान में भरतपुर के सवाईमाधोपुर जिले के रणथंभौर बाघ अभयारण्य पहुंचते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया है।

वन विभाग के सूत्रों ने रविवार को बताया कि यह स्थिति विभाग के लिए चिंता की बात है क्योंकि बाघ अभयारण्य जोन नम्बर 9 में बाघिन टी-127 एवं बाघ टी 108 की मौजूदगी से चीता के साथ कोई भी अनहोनी हो सकती है।

सूत्रों ने बताया कि ऐसी स्थिति के मद्देनजर दोनों हिंसक वन्यजीवों में भिडंत की आशंका को देखते हुए वन विभाग सतर्क है। चीते पर पल पल नजर रखी जा रही है, ताकि चीते का सामना बाघ या बाघिन से न हो सके। हालांकि वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक बाघ को देखकर चीता पहले ही सतर्क हो जाता है, लेकिन अगर चीता का सामना बाघ या बाघिन से हो जाता है तो अनहोनी की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।

उल्लेखनीय है कि करीब एक सप्ताह पूर्व मध्यप्रदेश के कुनो से निकलकर चीता केपी-2 चम्बल नदी पार करके 16 अप्रैल को रणथंभौर बाघ अभयारण्य की सीमा में पालीघाट रेंज के अजीतपुरा गांव के आसपास पहुुंचा था।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित