नयी दिल्ली , अक्टूबर 22 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को यहां भारत मंडपम में चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे और कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।

तीन दिन का यह सम्मेलन रविवार को संपन्न होगा और इसमें भारत और विदेशों से 9,000 से अधिक लोग शामिल होंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने गुरुवार को बताया कि यह सम्मेलन चिन्मय मिशन के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में साल भर चले समारोहों का समापन होगा। स्वामी चिन्मयानंद ने 1951 में इस मिशन की स्थापना की थी। इसका उद्देश्य वेदांत और भगवद्गीता के ज्ञान को सभी लोगों तक पहुंचाना है। मिशन ने वर्षों में आध्यात्मिक शिक्षा, संस्कृति के संरक्षण, युवाओं को सशक्त बनाने और सामुदायिक सेवा के क्षेत्र में अपना काम बढ़ाया है।

साल भर चले समारोहों की शुरुआत पिछले साल प्रधानमंत्री की ओर से तमिलनाडु के गंगईकोंडा चोलपुरम में भगवद्गीता के तमिल पद्यानुवाद के विमोचन के साथ हुई थी। चिन्मय मिशन की ओर से तैयार इस पद्यानुवाद में इलैयाराजा ने संगीत दिया है।

इस दौरान कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें अलग-अलग स्थानों पर सामूहिक हवन, त्रिपुरा में मां सौंदर्य चिन्मयी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा और चिन्मय गीता समर्पण शामिल हैं। इसके तहत दुनिया भर में एक लाख से अधिक लोगों ने ऑनलाइन भगवद्गीता के 15वें अध्याय का एक साथ पाठ किया।

समारोहों की एक प्रमुख पहल गीता पंचामृत रही, जो भगवद्गीता के पांच चुनिंदा श्लोकों पर केंद्रित है। गीता का संदेश देशभर में पहुंचाने के लिए चिन्मय युवा केंद्र के 15 युवाओं ने चिन्मय अमृत यात्रा की। इस दौरान उन्होंने देशभर में 40 हजार किलोमीटर से अधिक की यात्रा की।

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