चित्रकूट , अगस्त 19 -- रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास की 529वीं जयंती उनकी जन्मस्थली राजापुर और चित्रकूट जिले में श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ मनाई गई। इस अवसर पर राजापुर में तुलसीदास के जीवन एवं चरित्र पर आधारित विभिन्न लीलाओं का मंचन किया गया, जबकि चित्रकूट के विभिन्न विद्यालयों में काव्य पाठ, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य आयोजनों के माध्यम से उनके जीवन एवं साहित्यिक योगदान को प्रस्तुत किया गया। गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली राजापुर स्थित तुलसी स्मारक में 11 से 19 अगस्त तक प्रतिदिन रामचरितमानस का पाठ और तुलसीदास के जीवन-दर्शन पर आधारित विभिन्न लीलाओं का आयोजन किया गया। इससे पहले 10 अगस्त को कलश यात्रा निकाली गई।
आयोजन के दौरान तुलसीदास बाल लीला, मां पार्वती कृपा एवं गुरुकुल लीला, नंदीतौरा हनुमान लीला, संकट मोचन लीला, रत्नावली एवं तुलसीदास वैराग्य लीला तथा तुलसीदास का प्रभु श्रीराम से मिलन सहित विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया गया। इन लीलाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को तुलसीदास के जीवन, संघर्ष और आध्यात्मिक यात्रा से परिचित कराया गया। कार्यक्रमों को लोगों ने खूब सराहा।
इसी क्रम में चित्रकूट जिले के विभिन्न विद्यालयों में भी तुलसीदास जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्र-छात्राओं ने काव्य पाठ, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और अन्य कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों ने तुलसीदास के जीवन और उनके साहित्यिक योगदान के विभिन्न पहलुओं को प्रस्तुत किया।
जिलेभर में आयोजित कार्यक्रमों के कारण चित्रकूट में पूरे सप्ताह उत्सव जैसा माहौल रहा। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह सहित जिले के विभिन्न अधिकारियों ने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।
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