चित्रकूट , अगस्त 7 -- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में बकरी चराने गये युवक की अपहरण के बाद हत्या के मामले दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने दो हत्यारोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों को 40-40 हजार रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार सिंह ने बताया कि बीती एक सितम्बर 2020 को सरैंया चौकी क्षेत्र के अन्तर्गत हनुवा गांव के मजरा बजहापुरवा का निवासी कल्लू यादव ने मानिकपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायकर्ता के अनुसार उसका पुत्र राजू यादव उर्फ साधू बकरी चराने जंगल गया था, लेकिन इसके बाद घर नहीं लौटा। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने तलाश की जिसके बाद छह सितंबर 2020 को रेलवे ट्रैक के समीप उसका शव बरामद हुआ था।

पुलिस ने इस मामले में विवेचना के बाद बहिलपुरवा थाने के उमरहन निवासी लखन उर्फ लखना कोल और करका निवासी भैरव कोल को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने खुलासा किया था कि मृतक राजू का बजहा जंगल में एक बकरा चोरी हो गया। जिसकी तलाश करने के लिए जंगल में जाने पर राजू यादव को बकरे की आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंचने पर घात लगाकर पहले से छिपे बैठे इन आरोपियों ने राजू के साथ मारपीट की। इसके बाद राजू के पिता से पैसा वसूल करने और भेद न खुलने देने के लिए हत्या कर गायब करने के उद्देश्य से बहिलपुरवा के जंगल में अपहरण कर बंधक बना लिया था। इसके बाद 5-6 सितम्बर की रात मृतक ने मौके से भागना चाहा। जिस पर कुल्हाडियों से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया गया। शव की पहचान छिपाने के मकसद से शव को रेल लाइन पर रख दिया गया ताकि शव के ट्रेन से कटने पर मृतक राजू की शिनाख्त न हो सके। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।

बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश राहुल मिश्रा ने इस मामले में निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर आरोपी लखन उर्फ लखना कोल व भैरव कोल को आजीवन कारावास की सजा के साथ 40-40 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

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