चित्तौड़गढ़ , फरवरी 05 -- राजस्थान में चित्तौड़गढ़ जिले में चारों तरफ स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर 27 ऐसे स्थान है जहाँ आए दिन बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
राज्य के पुलिस महानिदेशक (यातायात) अनिल पालीवाल की उपस्थिति में गुरुवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक में जिला कलक्टर आलोक रंजन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरितासिंह ने जिले में सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए दुर्घटनाओं की प्रविष्टि, डेटा विश्लेषण, वर्ष 2001 से 2025 तक दुर्घटनाओं का वर्षवार विवरण, दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण, समय एवं संवेदनशील स्थानों का विश्लेषण और जिले के 27 अति दुर्घटना संभावित स्थानों की स्थिति प्रस्तुत की गई।
श्री पालीवाल ने जिले को औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए सड़क सुरक्षा के लिए एक संस्थानिक केंद्र विकसित करने के निर्देश दिए और उद्योगों एवं परिवहनकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने फ्लाईओवर, क्रॉसिंग बिंदुओं एवं पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित पैदल मार्ग विकसित करने के निर्देश दिए।
श्री पालीवाल ने टोल एजेंसियों को आवश्यक संसाधनों के अलावा एम्बुलेंस एवं फायर ब्रिगेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने परिवहन विभाग को बसों की अचानक जांच, आपातकालीन निकासी, अग्नि शमन उपकरण और वातानूलित बसों की वायरिंग एवं सुरक्षा मानकों की जांच के निर्देश दिए गए।
पुलिस विभाग को परिवहन विभाग के साथ मिलकर अधिक गति और शराब का सेवन करके वाहन चलाने पर सख्त कार्रवाई करने, टोल नाकों पर अचानक जांच, बसों में ज्वलनशील सामग्री की जांच और खतरनाक पदार्थों के परिवहन पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में चिकित्सा विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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