बैतूल , सितंबर 22 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के चिचोली क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और आदिवासियों के साथ कथित मारपीट के मामलों को लेकर जयस और आदिवासी संगठनों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर राज्यपाल और पुलिस प्रशासन के नाम अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। संगठन ने चिचोली नगर परिषद को समाप्त कर ग्राम पंचायत व्यवस्था बहाल करने की भी मांग की।
जयस के नेतृत्व में निकाली गई रैली के बाद सौंपे गए ज्ञापन में नसीराबाद में दो आदिवासी युवकों के साथ कथित मारपीट के मामले में कार्रवाई की मांग की गई। इसके अलावा चिचोली और भीमपुर क्षेत्र में शराब, जुआ, सट्टा और चोरी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा आदिवासी समाज से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
जयस जिलाध्यक्ष सोनू धुर्वे ने कहा कि आदिवासी समाज के साथ कथित अत्याचार की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन की जवाबदेही तय होना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेसा कानून और पांचवीं अनुसूची से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों का प्रभावी पालन नहीं होने से आदिवासी समाज के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
जयस प्रदेश संयोजक जामवंत सिंह कुमरे ने चिचोली में नगर परिषद के गठन को लेकर सवाल उठाए। संगठन ने संविधान के भाग-9 के अनुच्छेद 243 जेडसी(1) का हवाला देते हुए कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में नगर निकायों के गठन के लिए संसद द्वारा विशेष कानून का प्रावधान है। संगठन का आरोप है कि वर्ष 2009-10 में आदिवासी सदस्यों पर दबाव बनाकर और ग्राम सभाओं की सहमति के बिना ग्राम पंचायत चिचोली को नगर परिषद में परिवर्तित किया गया।
ज्ञापन में कहा गया कि नगर परिषद बनने के बाद आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन से जुड़े पारंपरिक अधिकार तथा पेसा कानून के तहत ग्राम सभाओं की स्वायत्तता प्रभावित हुई है। संगठन ने ग्रामीणों पर करों का बोझ बढ़ने और पारंपरिक सांस्कृतिक व्यवस्था प्रभावित होने का भी आरोप लगाया।
जयस ने चिचोली नगर परिषद को शून्य घोषित कर क्षेत्र में पंचायती राज और पेसा कानून के तहत ग्राम सभा के अधिकार बहाल करने की मांग की। साथ ही आपराधिक गतिविधियों पर कार्रवाई और आदिवासी समाज से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष सोनू धुर्वे, जिला सलाहकार जामवंत सिंह कुमरे, जिला संरक्षक शेषराव उइके, जिला प्रभारी दिलीप सलामे और कार्यकारी अध्यक्ष लोकेश करोचे सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय द्वारा प्राप्त किया गया।
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