बैतूल , अक्टूबर 14 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में चिचोली-भीमपुर मार्ग का निर्माण जहां आवागमन सुगम बनाने की उम्मीद जगा रहा है, वहीं सड़क की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल भी उठे हैं। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, 35.21 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले इस मार्ग का निर्माण सात मीटर चौड़ाई में कराया जा रहा है। हालांकि, हाल ही में भोपाल से आए जांच दल के निरीक्षण में सड़क के शोल्डर निर्माण में तकनीकी मानकों के पालन को लेकर खामियां सामने आने की बात कही गई है।
विभाग के अनुसार, चिचोली से भीमपुर तक मुख्य जिला मार्ग के निर्माण के लिए 3,521.17 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। अब तक करीब डेढ़ किलोमीटर सीमेंट-कांक्रीट सड़क और 14 पुल-पुलियों का निर्माण पूरा हो चुका है। मार्ग पर सीआरएम और वेट मिक्स मैकाडम का काम भी जारी है। इसके साथ नालियों और रिटेनिंग वॉल का निर्माण तथा मार्ग में आने वाले बिजली के खंभों को हटाने का काम किया जा रहा है।
विभाग का कहना है कि सड़क बनने से चिचोली और भीमपुर तहसीलों के बीच संपर्क बेहतर होगा और किसानों, आम नागरिकों तथा विद्यार्थियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
दूसरी ओर, हालिया निरीक्षण के दौरान सड़क के शोल्डर में ग्रेन्युलर सब-बेस (जीएसबी) की मात्रा निर्धारित मानकों से कम पाए जाने की बात सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच दल ने दोनों ओर के शोल्डर तोड़कर दोबारा बनाने के निर्देश दिए हैं। मार्ग निर्माण को लेकर ग्रामीणों और किसानों ने गुणवत्ता पर चिंता जताते हुए मांग की है कि काम निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप कराया जाए, ताकि सड़क टिकाऊ रहे।
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