बैतूल , अक्टूबर 26 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की चिचोली नगर परिषद में जेम पोर्टल से खरीदी, निर्माण कार्यों और बाजार वसूली में करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। वार्ड क्रमांक 15 सुभाष वार्ड की पार्षद नेहा रूपेश आर्य ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त को शिकायत सौंपकर पूर्व एवं वर्तमान मुख्य नगरपालिका अधिकारियों (सीएमओ) और परिषद अध्यक्ष की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
पार्षद ने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा 15 अप्रैल 2026 को जांच के आदेश जारी किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2021-22 में मोक्षधाम के लिए 100 आरसीसी कुर्सियों की खरीदी के नाम पर 4.99 लाख रुपये का भुगतान किया गया, जबकि मौके पर केवल 15 से 20 कुर्सियां ही मौजूद हैं। इसी तरह, नियमों को दरकिनार कर हाईमास्ट लाइट की खरीदी को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटने का आरोप भी लगाया गया है।
शिकायत में कहा गया है कि तालाब परिसर में 16 लाख रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक शौचालय अधूरा और जर्जर स्थिति में है। वंदागी कंस्ट्रक्शन और जय युगणीया ड्रिलिंग जैसी एजेंसियों को बार-बार ठेके देने, घटिया गुणवत्ता के वेयरिंग कोट का निर्माण कराने तथा मस्टररोल में कथित फर्जी नाम दर्ज कर भुगतान करने के आरोप भी लगाए गए हैं। इसके अलावा, मंडई घाट निर्माण के लिए स्वीकृत 10.80 लाख रुपये का काम किए बिना ही राशि आहरित किए जाने का आरोप है।
पार्षद ने बाजार वसूली में भी वित्तीय अनियमितताओं की आशंका जताई है। उनके अनुसार, साप्ताहिक बाजार से 25 से 30 हजार रुपये की वसूली होने के बावजूद नगर परिषद के खाते में केवल छह हजार रुपये जमा दर्शाए जाते हैं। बस स्टैंड निर्माण और ट्रेंचिंग ग्राउंड में जेसीबी किराए के बिलों में भी गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं।
नेहा आर्य ने प्रमुख सचिव और नर्मदापुरम संभाग के संयुक्त संचालक से सभी वित्तीय अभिलेखों तथा निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित