बैतूल , जुलाई 17 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की चिचोली जनपद पंचायत क्षेत्र की 30 से अधिक ग्राम पंचायतों में कराए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर लगाए गए आरोपों के बीच निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच और मूल्यांकन की मांग तेज हो गई है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार पंचायत प्रतिनिधि अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में विभिन्न योजनाओं से प्राप्त राशि से विकास कार्य तेजी से करा रहे हैं। आरोप है कि 15वें वित्त आयोग और अन्य मदों से स्वीकृत सीमेंट सड़क, पुल-पुलिया, रपटा, नाली तथा शासकीय भवनों की बाउंड्री वॉल जैसे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता संबंधी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। यह भी आरोप है कि कई कार्य ठेके के माध्यम से कराए जा रहे हैं, जबकि पंचायत स्तर पर कार्य कराने के निर्धारित नियमों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई निर्माण कार्य गांव की मुख्य आबादी से बाहर कराए जा रहे हैं, जहां नियमित निगरानी और तकनीकी परीक्षण नहीं होने से गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि यदि सभी कार्यों का निष्पक्ष तकनीकी मूल्यांकन कराया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सभी निर्माण कार्यों की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी चिचोली जनपद क्षेत्र में निर्माण कार्यों में अनियमितताओं के मामलों में प्रशासन कार्रवाई कर चुका है। गवासेन ग्राम पंचायत में निर्माण कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर जिला प्रशासन ने पंचायत सचिव के विरुद्ध कार्रवाई की थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्यों की भी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों पर जनपद पंचायत अथवा संबंधित अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी।

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