नयी दिल्ली , जून 29 -- रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग ने चिकित्सा उपकरण उद्योग को सुदृढ़ बनाने की योजना (एसएमडीआई) के तहत पात्र संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित किये हैं।
इस योजना का उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना, आयात पर निर्भरता कम करना, इस क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करना तथा चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में मूल्य श्रृंखला को मजबूत बनाना है।
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने बताया कि आयात पर निर्भरता कम करने के लिए सीमांत निवेश योजना और चिकित्सा उपकरण नैदानिक अध्ययन सहायता योजना के तहत आवेदन जमा कराये जा सकते हैं। सीमांत निवेश योजना के तहत चयनित आवेदकों को प्रमुख घटकों, कच्चे माल, तैयार चिकित्सा उपकरणों तथा सहायक उपकरणों के निर्माण के लिए प्रतिपूर्ति के आधार पर अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक की एकमुश्त पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जायेगी, जिससे आयात पर निर्भरता कम की जा सके।
वहीं, चिकित्सा उपकरण नैदानिक अध्ययन सहायता योजना के तहत पात्र आवेदकों को प्रतिपूर्ति के आधार पर अधिकतम पांच करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जायेगी। उन्हें नैदानिक जांच, नैदानिक प्रदर्शन मूल्यांकन, बाजार में आने के बाद उत्पादों के बारे में अध्ययन और जानवरों पर अध्ययन के लिए सहायता दी जायेगी।
योजना के अंतर्गत प्रस्ताव ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 23 जुलाई 2026 की शाम छह बजे तक जमा किये जा सकते हैं। पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा अन्य नियम एवं शर्तों की विस्तृत जानकारी के लिए औषधि विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
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