नयी दिल्ली , दिसंबर 15 -- लोकसभा ने सोमवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1,32,268.85 लाख करोड़ रुपये की पहली अनुपूरक अनुदान मांगों को मंजूरी प्रदान कर दी।

इसमें 41,455.39 करोड़ रुपये के कुल नकद व्यय और 90,812.17 करोड़ रुपये के तकनीकी पूरक मांगों का प्रावधान है जिसके लिए विभिन्न विभाग अपनी आय और अन्य साधनों से धन जुटायेंगे।

कुल 1.32 लाख करोड़ रुपये की अनुपूरक अनुदानों में 62,446.68 करोड़ रुपये राजस्व मद में और 69,822.17 करोड़ रुपये पूंजी मद में खर्च किये जाने हैं।

कुल नकद व्यय में सबसे अधिक 18,525 करोड़ रुपये का प्रावधान उर्वरकों के मद में किया जाना है। इसमें 11,000 करोड़ रुपये उर्वरक सब्सिडी के लिए और 7,525 करोड़ रुपये यूरिया के आयात के लिए मांगे गये हैं।

सदन में चार घंटे से अधिक चली चर्चा के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि इस साल अच्छे मानसून के बाद किसानों की ओर से उर्वरकों की मांग बढ़ी है। न सिर्फ खरीफ मौसम में मांग अधिक रही बल्कि मिट्टी में अच्छी नमी और अच्छी फसल की उम्मीद को देखते हुए रबी मौसम के लिए भी किसान उर्वरक खरीद रहे हैं। इसलिए इस मद में सबसे अधिक प्रावधान किया गया है।

उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि देश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। हमने सुनिश्चित किया है कि आयात और घरेलू उत्पादन दोनों बढ़े।

वित्त मंत्री ने बताया कि खरीफ मौसम में जून से अक्टूबर 2025 के दौरान 185 लाख टन उर्वरकों की अनुमानित मांग की तुलना में 230 लाख टन की उपलब्धता थी। सरकार ने बिना रुके नियमित रूप से उर्वरकों का आयात किया। अभी 17.5 लाख टन आयात पाइपलाइन में है जिसके लिए भुगतान भी किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को यूरिया की आपूर्ति की है और इसकी नियमित निगरानी की जा रही है।

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