भरतपुर , जुलाई 23 -- मध्य प्रदेश में शिवपुरी के नरवर किले से गत 15 जुलाई की रात चोरी हुई सिंधिया रियासत काल की 400 वर्ष पुरानी 3500 किलो वजनी ऐतिहासिक तोप की तलाश के लिए राजस्थान में करौली जिले के हिंडौनसिटी के गांवड़ा मीणा गांव में पुलिस और प्रशासन के दलों ने जेसीबी मशीनों से बुधवार को जगह जगह खुदाई शुरू की लेकिन गुरुवार शाम तक तोप का कोई सुराग नहीं मिला।

पुलिस सूत्रों ने मध्यप्रदेश पुलिस से मिले मिली सूचना के आधार पर बताया कि बदमाशों ने तोप को पहले गद्दों में लपेटा। फिर बैरिंग लगी लोहे की ट्रॉली की मदद से करीब तीन हजार फुट नीचे उतारा। इसके बाद भारवाहक गाड़ी में लादकर फरार हो गये।

नरवर किले की ओपन कचहरी से 16वीं शताब्दी की ऐतिहासिक तोप की अंतरराष्ट्रीय पुरातन वस्तुओं के काला बाजार में कीमत तीन से पांच करोड़ रुपए अनुमानित है। पूरे गांव में सुरक्षा के लिहाज से पुलिस की तैनाती गयी है। पुलिस आरोपियों का पता लगाने के साथ यह भी जांच कर रही है कि तोप को गांवड़ी गांव कब और कैसे लाया गया। तोप की तलाश में भरतपुर से मेटल डिटेक्टर दल को भी मौके पर बुलाया गया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित