चित्रकूट , सितंबर 16 -- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में बाल संरक्षण एवं निराश्रित बच्चों के पुनर्वासन के क्षेत्र में एक और बच्ची को कानूनी रूप से गोद दिए जाने की विधिक प्रक्रिया बुधवार को पूरी कर ली गई।
किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा दत्तक ग्रहण विनियम, 2022 के तहत संचालित विशेषीकृत राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई (एसएए) के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी की गई। यह जिले में कानूनी रूप से बच्ची को गोद दिए जाने का तीसरा मामला है।
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के निर्देशन और जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रगति गुप्ता के पर्यवेक्षण में कलेक्ट्रेट कार्यालय में विधिक प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया। जिलाधिकारी ने भावी दत्तक माता से आवश्यक पूछताछ करने के साथ ही सभी कानूनी एवं प्रशासनिक दस्तावेजों का सत्यापन किया। इसके बाद आधिकारिक आदेश के माध्यम से बच्ची को दत्तक माता को सुपुर्द कर दिया गया। जिलाधिकारी ने बच्ची के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए दत्तक माता को बधाई दी।
उल्लेखनीय है कि दत्तक माता ने वर्ष 2022 में ऑनलाइन आवेदन किया था। करीब चार वर्ष के लंबे इंतजार के बाद बुधवार को विधिक आदेश के माध्यम से उनका सपना साकार हुआ। बच्ची को अपने आंचल में पाकर दत्तक माता और उनके परिवार में खुशी का माहौल रहा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित