बैतूल , जुलाई 30 -- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत अंत्योदय परिवारों को मिलने वाली शक्कर का वितरण पिछले चार महीनों से बंद है। खाद्य विभाग के अनुसार केंद्र सरकार से शक्कर का आवंटन नहीं मिलने के कारण जिले के एक लाख से अधिक हितग्राहियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत तीन लाख 12 हजार 992 परिवार पंजीकृत हैं, जिनके 12 लाख 23 हजार 788 सदस्य लाभान्वित होते हैं। इनमें अंत्योदय योजना के 29 हजार 691 परिवार शामिल हैं, जिनके एक लाख दो हजार 251 सदस्य इस योजना का लाभ लेते हैं। बीपीएल परिवारों को कई वर्ष पहले ही राशन के साथ शक्कर मिलना बंद हो चुकी है, जबकि अंत्योदय परिवारों को प्रति माह एक किलोग्राम शक्कर उपलब्ध कराई जाती थी।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले चार महीनों से केंद्र स्तर पर शक्कर का आवंटन नहीं होने के कारण राशन दुकानों के माध्यम से इसका वितरण पूरी तरह बंद है। इसके चलते प्रत्येक माह राशन लेने पहुंचने वाले अंत्योदय परिवारों को निराश लौटना पड़ रहा है।
त्योहारों के मौसम में इसका असर अधिक महसूस किया जा रहा है। हितग्राहियों के अनुसार कई गरीब परिवार हर माह मिलने वाली शक्कर को बचाकर रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, गणेश उत्सव और अन्य पर्वों पर मिठाई तथा पारंपरिक व्यंजन बनाने के लिए उपयोग करते थे। लगातार चार माह से शक्कर नहीं मिलने के कारण उनका संग्रह समाप्त हो गया है और आर्थिक स्थिति कमजोर होने से वे बाजार से शक्कर खरीदने में भी असमर्थ हैं।
हितग्राहियों ने सरकार से शीघ्र शक्कर का आवंटन बहाल कर राशन दुकानों के माध्यम से वितरण शुरू कराने की मांग की है। वर्तमान में अंत्योदय परिवारों को प्रति माह 35 किलोग्राम खाद्यान्न, जिसमें 30 किलोग्राम गेहूं और पांच किलोग्राम चावल शामिल हैं, जबकि बीपीएल परिवारों को प्रति सदस्य पांच किलोग्राम खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
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