अमृतसर , जुलाई 28 -- विमानन क्षेत्र के विस्तार के लिए सरकार की योजना देश के चार बड़े हवाई अड्डों को वैश्विक ट्रांजिट हब के रूप में विकसित करने की है।
नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने यहां श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार को हब एंड स्पोक मॉडल के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि सरकार की योजना देश के चार मेट्रो शहरों के हवाई अड्डों को हब के रूप में और 40 गैर-मेट्रो हवाई अड्डों को स्पोक केंद्रों के रूप में विकसित करने की है।
हब एंड स्पोक मॉडल की शुरूआत इस साल 25 जून को वाराणसी से हुई थी जिसे दिल्ली हवाई अड्डे से जोड़ा गया है। अमृतसर हवाई अड्डा इस मॉडल में शामिल होने वाला दूसरा स्पोक केंद्र बन गया है। इसे भी दिल्ली से ही जोड़ा गया है।
श्री सिन्हा ने उद्घाटन के बाद मीडिया से बात करते हुए बताया कि अगले सप्ताह-दस दिन में अहमदाबाद इस मॉडल से जुड़ने वाला तीसरा शहर बन जायेगा। पहले चरण में 25 शहरों को स्पोक केंद्र से रूप में विकसित करने की योजना है। दूसरे चरण में अन्य 15 शहरों को जोड़ा जायेगा। उन्होंने बताया कि अबतक स्पोक केंद्र बनाने के लिए 12 शहरों की पहचान पूरी कर ली गयी है।
सरकार की योजना का उद्देश्य देश के चार बड़े शहरों को वैश्विक ट्रांजिट हब के रूप में विकसित करने के साथ ही विदेशी एयलाइंस की उड़ानों में भारत से जाने या आने वाले यात्रियों को भारतीय विमान सेवा कंपनियों की तरफ आकर्षित करना भी है।
इसके तहत स्पोक शहरों से विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए आव्रजन, चेक-इन और सिक्योरिटी जांच की प्रक्रिया वहीं पर पूरी कर ली जाती है। हब एयरपोर्ट पर उन्हें न तो दोबारा सिक्योरिटी जांच करानी होती है, आव्रजन के लिए लंबी कतार में खड़ा होना पड़ता है और न ही सामान लेकर दोबार चेक-इन की चिंता रहती है। वे सीधे अपनी विदेश जाने वाली उड़ान में सवार हो सकते हैं।
श्री सिन्हा ने बताया कि पहले जब यात्री छोटे शहर से दिल्ली या मुंबई जाकर विदेश की उड़ान लेते थे तो यात्रा के पहले चरण में उन्हें घरेलू यात्रा के हिसाब से सामान ले जाने की अनुमति होती थी जो 15 से 20 किलोग्राम तक होता था। हब एंड स्पोक मॉडल के तहत उन्हें शुरू से ही अंतरराष्ट्रीय यात्री जैसी सुविधाएं मिलती हैं।
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