कांकेर , मार्च 26 -- छत्तीसगढ के कांकेर जिले में लकड़ी तस्करी का सिलसिला लगातार जारी है। वन विभाग की उड़नदस्ता टीम ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार को लकड़ी से भरे दो ट्रकों को जब्त किया है। पुलिस ने बताया कि दोनों ट्रक गीदम से रायपुर की ओर लकड़ी लेकर जा रहे थे, जिन्हें चारामा जांच चौकी नाका पर रोककर जांच के बाद पकड़ा गया।
वन परिक्षेत्र अधिकारी भूमिका श्रीमाल से मिली जानकारी के अनुसार, चारामा वन परिक्षेत्र में सक्रिय कांकेर वन उड़नदस्ता टीम को लंबे समय से अवैध तस्करी की सूचना मिल रही थी। इसी के आधार पर टीम ने घेराबंदी कर जांच नाका पर संदिग्ध ट्रकों की जांच की, जिसमें भारी मात्रा में अवैध लकड़ी पाई गई। कार्रवाई के दौरान ट्रकों को तत्काल जब्त कर लिया गया और आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
वन परिक्षेत्र अधिकारी के ही मुताबिक,जांच चौकी पर रोके गए ट्रकों में वन अधिकारियों को सेमल की लकड़ियां मिली हैं। बिना किसी वैध कागजात के ट्रकों में सेमल प्रजाति की लकड़ियां भरी मिली। ट्रकों को स्थानीय डिपो में लाया गया है। अनलोडिंग करवाकर जांच करेंगे कि सिर्फ सेमल की लकड़ियां हैं या अन्य प्रजाति की दूसरी लकड़ियां भी। पूरी जांच के बाद वन अधिनियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि इससे दो दिन पहले भी वन विभाग ने एक ट्रक अवैध लकड़ी के साथ पकड़ा था। हाल के दिनों में तस्करी की यह तीसरी घटना है जिसे वन अधिकारियों ने असफल किया है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अवैध तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि लकड़ी माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई कर इस अवैध कारोबार को पूरी तरह खत्म किया जाए, ताकि वन संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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