पौड़ी , मई 21 -- उत्तराखंड में पौड़ी गढवाल जिले में बाल संरक्षण, महिला कल्याण और पुनर्वास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला बाल कल्याण समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि विभाग केवल मामलों के निस्तारण तक सीमित न रहें, बल्कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचे और उनके परिणाम भी दिखाई दें। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए जरूरतमंद बच्चों एवं महिलाओं को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

चारधाम यात्रा सीजन को देखते हुए जिलाधिकारी ने यात्रा मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से विशेष रेस्क्यू एवं पुनर्वास अभियान संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी बच्चा असुरक्षित स्थिति में अथवा बाल श्रम में संलिप्त न मिले। इसके साथ ही कोटद्वार बस स्टेशन पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 एक्सटेंशन के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने को कहा।

बैठक में परिवीक्षा कार्यालय की ओर से विभागीय कार्यों एवं चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त मामलों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। बताया गया कि प्राप्त सभी मामलों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया जा चुका है। जनवरी से मार्च 2026 तक बाल देखरेख संस्थानों में दर्ज मामलों, स्पॉन्सरशिप योजनाओं और शैक्षणिक संस्थानों में चलाए गए जागरूकता कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई।

बाल अधिकारों के व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने बीडीसी बैठकों एवं बहुद्देशीय शिविरों में परिवीक्षा विभाग के स्टॉल और हेल्प डेस्क लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को समयबद्ध मनोवैज्ञानिक सहायता एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने को कहा गया। वहीं पॉक्सो पीड़ित बालिकाओं को आर्थिक सहायता में किसी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध सरकारी मदों से तत्काल सहायता देने हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।

महिला कल्याण से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने विधवा महिलाओं की लंबित पेंशन (बकाया) का भुगतान बिना विलंब जारी करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में समिति के सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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