देहरादून , मार्च 06 -- हिमालय पर्वत पर स्थित देवभूमि उत्तराखंड के चार धाम श्री केदारनाथ, श्री बदरीनाथ, श्री गंगोत्री और श्री यमुनोत्री धाम के कपाट ग्रीष्मकालीन दर्शनों के लिए खोले जाने में अभी समय है। लेकिन राज्य सरकार ने शुक्रवार से तीर्थयात्रियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू कर दिए हैं।

आज पहले ही दिन चारों धामों में दर्शनों के लिए सायं 05 बजे तक देश, विदेश के कुल 01 लाख 24 हजार 089 यात्रियों के पंजीकरण हुए हैं। राज्य के पर्यटन, धर्मस्व और संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने इस बार भी रिकॉर्ड श्रृद्धांलुओं के आने की संभावना व्यक्त की है।

उन्होंने बताया कि बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा इस वर्ष आगामी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर शुरू होने वाली है। इसके दृष्टिगत, 06 मार्च से यात्रियों के पंजीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई। इस बार भी चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड श्रृद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए प्रदेश सरकार ने चारधाम यात्रा से जुड़ी सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं।

श्री महाराज ने कहा कि चारधाम की तीर्थ यात्रा हिंदुओं के लिए काफी महत्व रखती है। लाखों की संख्या में भक्त हर साल आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति के उद्देश्य से गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा पर जाते हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षित और सुगम चारधाम यात्रा के कुशल प्रबंधन के कारण वर्ष 2025 में 5600031 (56 लाख 31 हजार) श्रद्धालुओं ने चार धाम के दर्शन किए थे। इस वर्ष भी सरकार ने चारधाम यात्रा को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए विशेष प्रबंध किये हैं। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा के तहत केदारनाथ धाम के 22 अप्रैल और बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे। जबकि गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट परंपरागत तौर पर अक्षय तृतीय के दिन 19 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। चारधाम यात्रा के दृष्टिगत सभी सरकारी विभागों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए भी पूरी व्यवस्था की है। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए कुल 50 काउंटर बनाये गये हैं। इनमें 30 काउंटर ऋषिकेश में और 20 काउंटर विकासनगर में स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह सभी काउंटर दिन-रात यानी पूरे 24 घंटे काम करेंगे, ताकि किसी भी यात्री को पंजीकरण में कोई परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि श्रद्धालु अपना पंजीकरण वेबलिंक और मोबाइल एप के माध्यम से कर सकते हैं। इसके अलावा श्रद्धालू अपना पंजीकरण आधार कार्ड के माध्यम से भी कर सकेंगे जबकि विदेशी श्रद्धालुओं के लिए ई-मेल आईडी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

उन्होंने बताया कि जिन श्रद्धालुओं के पास आधार कार्ड उपलब्ध नहीं है, उनके लिए पिछले वर्ष की भाँति इस वर्ष भी यात्रा पंजीकरण केन्द्र एवं ट्रॉजिट कैम्प ऋषिकेश, पंजीकरण केन्द्र ऋषिकुल ग्राउंड हरिद्वार और पंजीकरण केन्द्र विकास नगर देहरादून में पंजीकरण केंद्रों की व्यवस्था की गई है। इन भौतिक काउंटरों पर पंजीकरण सेवा कपाट खुलने से दो दिन पूर्व 17 अप्रैल से प्रारम्भ की जाएगी। रजिस्ट्रेशन स्थलों पर श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गये हैं।

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