बारां , जुलाई 02 -- राजस्थान में बारां जिले के केलवाड़ा थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर चलती बस से पिता-पुत्री के अपहरण के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने 24 घंटे से पहले ही खुलासा करके छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त दो कारें, दो धारदार चाकू और एक खिलौना पिस्तौल भी बरामद की है।

पुलिस के अनुसार 30 जून की रात सूचना मिली कि केलवाड़ा से शिवपुरी (मध्यप्रदेश) जा रहे पिता-पुत्री का बालाचार रोड़ मार्ग के पास कुछ लोगों ने दो कारों से आकर बस को रुकवाकर अपहरण कर लिया। सूचना मिलते ही जिलेभर में नाकाबंदी करके आरोपियों की तलाश शुरू की गयी। पुलिस दबाव बढ़ने पर आरोपी पिता-पुत्री को राष्ट्रीय राजमार्ग-27 स्थित सांवरिया रेस्टोरेंट के पास छोड़कर फरार हो गये। इसके बाद दोनों को सुरक्षित केलवाड़ा थाना लाया गया।

पीड़ित महेश ओझा ने पुलिस को बताया कि उसके सगे जीजा लखन का उसकी बहन से करीब छह महीने पहले तलाक हो चुका है। लखन ने उसकी पुत्री के नाम समरानिया क्षेत्र की एक आदिवासी भूमि की रजिस्ट्री कराने के बहाने उसे उसकी पुत्री कृतिका को केलवाड़ा बुलाया। रजिस्ट्री के बाद दोनों को कल्पना बस में बैठा दिया गया। कुछ दूरी पर बालाचार के पास दो कारों में आये छह लोगों ने बस रुकवाकर दोनों का अपहरण कर लिया और जंगल में ले जाकर धमकाया। बाद में पुलिस की नाकाबंदी देखकर आरोपी उन्हें छोड़कर फरार हो गये।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों में लखन उर्फ रामकल्याण ओझा (40), रामवीर मीणा (36), महावीर कुशवाह (35),राजकुमार कुशवाह (25), नारायण बलाई (45) और राकेश मीणा (42) शामिल हैं।

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