पिथौरागढ़ , जून 27 -- उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में चरस तस्करी के मामले में विशेष सत्र न्यायालय ने एक आरोपी को दोषी करार देते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला एक अगस्त 2024 का है, जब जौलजीबी पुलिस और विशेष अभियान समूह (एसओजी) की टीम ने बरम क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए नन्दन सिंह बिष्ट, निवासी कनार, कोतवाली जौलजीबी, को 2.20 किलोग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ कोतवाली जौलजीबी में धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया।

मामले की विवेचना तत्कालीन एसएचओ संजीव कुमार ने की जबकि न्यायालय में प्रभावी पैरवी सहायक निदेशक अभियोजन राकेश चन्द ने की। मामले की सुनवाई के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

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