चमोली , मई, 16 -- उत्तराखंड के चमोली में शनिवार को जिला स्तरीय लोक सूचना अधिकारियों की बैठक सूचना के अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, शासन व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही को मजबूत बनाने तथा लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

राज्य सूचना आयोग के सूचना आयुक्त दलीप सिंह कुंवर की अध्यक्षता में यह बैठक जिला सभागार में हुई। इस दौरान श्री कुंवर ने ने कहा कि सूचना आयोग का मुख्य उद्देश्य सूचना के अधिकार को आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि शासन व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि नागरिकों को समयबद्ध तथा सरल तरीके से सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने सभी लोक सूचना अधिकारियों से संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ कार्य करने की अपील करते हुए स्पष्ट किया कि सूचना उपलब्ध होने के बावजूद समय पर जानकारी न देने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पीड़ित व्यक्तियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए तथा स्वयं को उनकी स्थिति में रखकर समाधान का प्रयास किया जाए। साथ ही सूचना के अधिकार अधिनियम के व्यापक प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया।

सूचना आयुक्त ने अपीलीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि आरटीआई से जुड़े मामलों की प्रत्येक 15 दिन में नियमित समीक्षा की जाए और मांगी गई सूचनाओं को जिम्मेदारीपूर्वक उपलब्ध कराया जाए, ताकि अधिकांश मामलों का निस्तारण प्रथम अपील स्तर पर ही किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति सूचना के अधिकार अधिनियम का दुरुपयोग कर रहा हो तो संबंधित अधिकारी आवश्यक साक्ष्य एकत्र कर सूचना आयोग को उपलब्ध कराएं।

बैठक में वितरित पुस्तिका का गंभीरता से अध्ययन करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि इससे अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी। इस दौरान विभिन्न विभागों के लोक सूचना अधिकारियों ने आरटीआई से संबंधित अपनी जिज्ञासाएं और समस्याएं सूचना आयुक्त के समक्ष रखीं, जिनका उन्होंने क्रमवार समाधान किया।

बैठक के उपरांत जिलाधिकारी गौरव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने संयुक्त रूप से सूचना आयुक्त को मोमेंटो एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर डीएफओ सर्वेश दुबे, मुख्य कोषाधिकारी मामूर जहां, पीडी आनंद सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीकांत पुरोहित सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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