फगवाड़ा , फरवरी 27 -- लोकसभा सांसद डॉ राज कुमार चब्बेवाल ने शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा जांच किये गये आबकारी नीति मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया को बरी करने वाले अदालत के फैसले का स्वागत किया और इस फैसले को कानून के शासन में विश्वास की पुष्टि और भारत की न्यायिक संस्थाओं की शक्ति का प्रमाण बताया।

यहां मीडियाकर्मियों से बात करते हुए डॉ चब्बेवाल ने कहा कि इस फैसले से उस मुद्दे पर स्पष्टता आयी है जो दो साल से अधिक समय से सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ था। उन्होंने कहा कि यह फैसला इस मूलभूत लोकतांत्रिक सिद्धांत को मजबूत करता है कि न्याय का निर्धारण उचित प्रक्रिया और विश्वसनीय साक्ष्यों के आधार पर होना चाहिए।

उन्होंने कहा, " यह फैसला इस बात को रेखांकित करता है कि न्यायपालिका स्वतंत्र रूप से कार्य करती है और संवैधानिक मूल्यों को कायम रखती है। इससे कानूनी व्यवस्था में जनता का विश्वास मजबूत होता है। "सांसद ने कहा कि इस मामले ने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया और गहन राजनीतिक बहस को जन्म दिया, जिससे यह देश के हालिया राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम बन गया। उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले के साथ, सीबीआई द्वारा शुरू की गई कार्यवाही का एक प्रमुखचरण समाप्त हो गया है।

डॉ. चब्बेवाल ने आशा व्यक्त की कि इस फैसले से नेताओं को शासन, जन कल्याण और विकास संबंधी प्राथमिकताओं पर फिर से ध्यान केंद्रित करने मेंमदद मिलेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोकतांत्रिक संस्थाएं तभी प्रभावी ढंग से काम करती हैं, जब न्यायिक निर्णयों का अक्षरशः और भावना सहित सम्मान किया जाता है। पारदर्शिता, जवाबदेही और संवैधानिक सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, उन्होंने सभी हितधारकों से अदालत के फैसले को स्वीकार करने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने तथा जनता के हितों की सेवा में सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित