नयी दिल्ली , अक्टूबर 27 -- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने चक्रवात 'अर्नब' के मद्देनजर यात्रियों और रेल सम्पत्तियों की सुरक्षा को लेकर की गयीं आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा की है।
रेलवे ने मंगलवार को बताया कि चक्रवात से होने वाले नुकसान को देखते हुए दक्षिण तटीय रेलवे (एससीओआर) और पूर्वी तटीय रेलवे (ईससीओआर) में सुरक्षा प्रोटोकॉल और त्वरित बहाली की व्यवस्थाएं लागू कर दी गयी हैं। संवेदनशील इलाकों में लगभग 600 किलोमीटर रेलवे मार्ग की निगरानी की जा रही है। जोनल, मंडल और रेलवे बोर्ड स्तरों पर 'वॉर रूम' सक्रिय हैं, जहाँ चौबीसों घंटे स्थिति पर नज़र रखी जा रही है। रेलवे के अधिकारी महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात हैं और किसी भी तरह की रुकावट आने पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए आपातकालीन संसाधन तैयार रखे गये हैं। रेलवे ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम मंडलों सहित संवेदनशील इलाकों में लगभग 600 किलोमीटर रेलवे ट्रैक की कड़ी निगरानी की जा रही है। जोनल, मंडल और रेलवे बोर्ड स्तरों पर 'वॉर रूम' काम कर रहे हैं, जहाँ बदलती स्थिति पर चौबीसों घंटे नज़र रखी जा रही है। वहीं, आपातकालीन बहाली कार्यों में मदद के लिए मरम्मत सामग्री से लदे वैगन कृष्णा नहर, बिट्रागुंटा, मामिदिपुडी, विशाखापत्तनम, पलासा और पोंडुरू में तैनात किए गये हैं।
रेलवे के अनुसार प्रमुख जंक्शनों पर डीजल लोकोमोटिव, पावर यूनिट और एम्बुलेंस को स्टैंडबाय पर रखा गया है। अर्थमूवर (मिट्टी हटाने वाली मशीनें), पेड़ काटने वाली मशीनें और मरम्मत के उपकरण भी जगह-जगह तैनात किए गए हैं, ताकि ज़रूरत पड़ने पर तुरंत काम शुरू किया जा सके। बदलती परिस्थितियों पर नज़र रखने और रेलवे बुनियादी ढांचे के लिए संभावित खतरों की पहचान करने के लिए हर घंटे हवा की गति और जल स्तर की जाँच की जा रही है। तैयारियों की देखरेख करने और ज़मीनी स्तर पर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए रेल अधिकारी महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात हैं। आपातकालीन स्थिति में बेहतर तालमेल के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।
एससीओआर और ईसीओआर में सुरक्षा व्यवस्था और बहाली के संसाधन तैयार रखे गये हैं, ताकि किसी भी रुकावट से निपटा जा सके, रेलवे बुनियादी ढांचे की सुरक्षा की जा सके और स्थिति सामान्य होने पर सेवाओं को सुरक्षित रूप से बहाल किया जा सके।
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