भुवनेश्वर , अक्टूबर 25 -- मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आगामी 28 अक्टूबर को दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के बीच चक्रवात के तट पर पहुंचने की संभावना जताए जाने के बाद ओडिशा सरकार ने पांच अति-संवेदनशील दक्षिणी जिलों में अपनी तैयारियों को बेहद तेज कर दिया है। स्थिति से निपटने के लिए राज्य में ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) की 24 टीमों और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 6 टीमों को तैनात किया गया है।
आईएमडी के अनुसार, चक्रवात के आंध्र प्रदेश तट के साथ टकराने की संभावना अधिक है, हालांकि इसके प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। सरकार ने गंजाम, गजपति, रायगढ़, कोरापुट और मलकानगिरी को सर्वाधिक संवेदनशील जिलों के रूप में चिन्हित किया है। राज्य सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए है कि इन पांचों जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। संभावित खतरे को देखते हुए जिला स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं तथा उन्हें अपने-अपने मुख्यालयों में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
आपदा प्रबंधन के तहत जिला, ब्लॉक, तहसील और शहरी स्थानीय निकाय स्तर पर 24 घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर सक्रिय कर दिए गए हैं।
कच्चे मकानों, झोपड़ियों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को चक्रवात आश्रय स्थलों में भेजा जा रहा है। गर्भवती महिलाओं को अग्रिम रूप से पास के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है, जबकि वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों और दिव्यांगों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
सरकार ने 'शून्य जनहानि' का लक्ष्य रखा है। समुद्र में मछली पकड़ने की गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा पांचों संवेदनशील जिलों में पहाड़ियों, झरनों, बांधों और अन्य पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही रोक दी गई है।
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