संतकबीरनगर , अप्रैल 25 -- उत्तर प्रदेश में संतकबीरनगर जिले के चकबंदी कर्मचारियों ने जिला चकबंदी बंदोबस्त अधिकारी के विरुद्ध प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया तथा जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें बन्दोबस्त अधिकारी -चकबन्दी विनय कुमार सिंह द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। प्रताड़ना से ही दो सहायक चकबंदी अधिकारी श्याम सिंह, राम दरश वर्तमान में अस्पताल में जीवन-मृत्यु के बीच झूल रहे हैं।
कर्मचारियों ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया कि 22 अप्रैल की चकबन्दीकर्ता मुकेश कुमार की प्रताड़ना के चलते दिमाग की नस फट गई जिससे वह कोमा में में चले गये। उनका इलाज मेरठ में चल रहा है। लिपिक महिला कर्मियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। सुबह 8 बजे से लेकर शाम बजे तक कार्यालय में में बैठाकर कार्य लिया जाता है। जबकि कार्यालय में पुरुष संवर्ग का कोई कर्मचारी नहीं रहता है। इससे जाहिर होता है कि इनकी मंशा महिलाओं के प्रति अच्छी नहीं है। इनके द्वारा कर्मचारियों को हमेशा अपशब्द कह कर अपमानित किया जाता है।
चकबन्दी विभाग में कार्य की प्रगति में पूरे प्रदेश में हमेशा जनपद संत-कबीरनगर टॉप 5 में रहता है। वर्तमान में दो सालों से जनपद संतकबीर नगर में कार्य प्रगति में नम्बर एक पर है। उसके उपरान्त भी चकबन्दी अधिकारी, सहायक चकबन्दी अधिकारी, लिपिक, चकबन्दीकर्ता, चकबन्दी लेखपाल सभी लोगों प्रतिकूल प्रविष्टि दी जा चुकी है तथा विभागीय कार्रवाई बिना किसी स्पष्टीकरण चेतावनी के प्रचलित कर दी गई है। जिससे सभी कर्मचारी-अधिकारी मानसिक उपवसाद से गुजर रहे हैं और इनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। किसी के साथ कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है।
जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि मामले की जाँच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।
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