मुरैना , अप्रैल 14 -- मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में चंबल नदी के राजघाट क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन ने क्षेत्र को सुरक्षा छावनी में तब्दील कर दिया है। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से सतत निगरानी की जाएगी।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार चंबल नदी पुल के दोनों ओर विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) को 24 घंटे निगरानी के लिए तैनात किया गया है। नहर तिराहे सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी बल की तैनाती की गई है। अम्बाह एवं सबलगढ़ रेंज में भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। तैनात बल के रहने, भोजन एवं अन्य व्यवस्थाएं कैम्प क्षेत्र में ही सुनिश्चित की गई हैं।

पुलिस मुख्यालय भोपाल से प्राप्त एसएएफ की एक कंपनी को राजघाट, अल्लाबेली, देवरी, अम्बाह एवं सबलगढ़ क्षेत्रों में तैनात किया गया है। यह बल रेंज अधिकारियों, वनमंडलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में संयुक्त कार्रवाई करेगा।

जिला टास्क फोर्स समिति के सदस्यों ने हाल ही में राजघाट स्थित उस पुल का निरीक्षण किया, जो मुरैना और राजस्थान के धौलपुर को जोड़ता है। निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की अवैध गतिविधि नहीं पाई गई।

प्रशासन के अनुसार यह सुरक्षा व्यवस्था आगामी वर्षा ऋतु तक जारी रहेगी तथा वन एवं पुलिस विभाग के साथ मिलकर समय-समय पर संयुक्त छापामार कार्रवाई की जाएगी, जिससे अवैध खनिज गतिविधियों पर नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड ने निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी घाटों पर समन्वित कार्रवाई करते हुए अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर सख्ती से रोक लगाई जाए। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि चंबल से जुड़े ग्रामों का सर्वे कर रेत परिवहन में संलिप्त वाहनों की पहचान की जाए तथा उनमें जीपीएस सिस्टम और नंबर प्लेट अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। अवैध गतिविधियों में संलिप्त वाहन मालिकों के विरुद्ध जिला बदर की कार्रवाई भी प्रस्तावित की जाएगी।

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