मुरैना , मई 22 -- मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में चंबल नदी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और उससे जुड़ी घटनाओं को लेकर पुलिस एवं प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया है। उच्चतम न्यायालय द्वारा अवैध खनन पर सख्त रुख अपनाए जाने के बाद प्रदेश स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी सक्रियता बढ़ा दी है।

सूत्रों के अनुसार पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) एवं उप पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) स्तर के अधिकारी शीघ्र ही राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न रेत घाटों का निरीक्षण कर सकते हैं। निरीक्षण के दौरान घाटों की स्थिति, पुलिस कार्रवाई, गश्त व्यवस्था तथा स्थानीय थाना प्रभारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाएगी।

हाल ही में पदस्थ हुए पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने चंबल नदी के कई संवेदनशील घाटों का आकस्मिक निरीक्षण किया है। इस दौरान उन्होंने अवैध उत्खनन गतिविधियों पर निगरानी रखने, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने तथा संबंधित थाना प्रभारियों को गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए।

पुलिस अधीक्षक ने कुछ थानों का निरीक्षण कर अपराध नियंत्रण, रात्रिकालीन गश्त और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जिले के सभी एसडीओपी, थाना प्रभारियों और अधीनस्थ अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करने तथा रेत घाटों एवं सीमावर्ती क्षेत्रों का आकस्मिक दौरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक चंबल क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन को लेकर शासन स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है। हाल के दिनों में अवैध खनन से जुड़े मामलों में हिंसक घटनाएं, पुलिस दलों पर हमले और राजस्व हानि के मामलों को गंभीरता से लिया गया है।

स्थानीय स्तर पर पुलिस ने अवैध रेत परिवहन के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। वाहन चेकिंग, घाटों पर दबिश और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी लगातार जारी है। प्रशासन का कहना है कि अवैध खनन में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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