चम्पावत , अप्रैल 29 -- उत्तराखंड के चंपावत जिले में राष्ट्रीय महत्व के जनगणना कार्यक्रम के तहत द्वितीय चरण का कार्य तेज कर दिया गया है। इस चरण में 540 कार्मिक, 459 प्रगणक और 81 सुपरवाइजर-घर-घर जाकर डेटा संकलन में जुटे हैं। प्रशासन ने आगामी 24 मई तक सर्वेक्षण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

अपर जिलाधिकारी कृष्ण नाथ गोस्वामी ने बुधवार को बताया कि इस अभियान को इस बार पूरी तरह डिजिटल स्वरूप दिया गया है। प्रगणक घर-घर जाकर परिवारों से संबंधित जानकारी एकत्र कर रहे हैं, जिसे सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जा रहा है।

द्वितीय चरण में भवनों की स्थिति, निर्माण की प्रकृति, उपयोग, पेयजल, बिजली, शौचालय और आवासीय सुविधाओं सहित सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय आंकड़ों का विस्तृत संकलन किया जा रहा है। इसके लिए अत्याधुनिक एचएलओ एप्लिकेशन का उपयोग किया जा रहा है, जिससे रियल-टाइम मॉनिटरिंग और सटीक डेटा विश्लेषण संभव हो पा रहा है।

जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में 370 प्रगणक और 62 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं, जबकि नगरीय क्षेत्रों में 89 प्रगणक और 19 सुपरवाइजर कार्यरत हैं। सभी तहसीलों में व्यापक स्तर पर सर्वे कार्य चल रहा है।

प्रशासन के अनुसार जनगणना दो चरणों में संपन्न हो रही है। पहला चरण संपन्न होने के साथ दूसरा चरण अब अंतिम दौर में है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल जनसंख्या की गणना तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की योजनाओं के निर्माण और संसाधनों के न्यायसंगत वितरण का आधार भी है।

अपर जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करते हुए सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं ताकि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सके।

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