बेतिया , मई 4 -- पश्चिम चंपारण जिले में प्रेमी की हत्या कर शव को नहर किनारे फेंकने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रभाकर दत्त मिश्रा ने आरोपी महिला को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने बैरिया थाना क्षेत्र के लौकरिया मुर्मही गांव निवासी सुशीला देवी (35) को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई, साथ ही दोषी महिला पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
लोक अभियोजक राम नगीना प्रसाद ने बताया कि इस मामले के सूचक नौतन थाना के तत्कालीन थाना अध्यक्ष सह पुलिस अवर निरीक्षक खालिद अख्तर थे।
श्री अख्तर को 21 दिसंबर 2023 को सूचना मिली थी कि खाप टोला बलुआ जाने वाली नहर के पास एक शव लावारिस अवस्था में पड़ा हुआ है। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अवर निरीक्षक खालिद अख्तर के बयान पर अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
इस मामले में मृतक की पहचान नौतन थाना क्षेत्र के गम्हरिया निवासी विजय प्रसाद के रूप में उसकी पत्नी सविता देवी ने की थी। पुलिस अनुसंधान में सामने आया कि सुशीला देवी अपने प्रेमी विजय प्रसाद से लगातार पैसे ऐंठ रही थी। जब विजय प्रसाद ने पैसे देने से इंकार किया तो वह उससे नाराज हो गई और इसी क्रम में उसकी हत्या कर शव को नहर किनारे फेंक दिया।
अदालत ने मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई।
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