कोटा , जून 14 -- राजस्थान में कोटा के बहुचर्चित चंद्रेसल मठ महंत देवानंद हत्याकांड में पुलिस ने खुलासा करते हुए साजिश में शामिल दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस सूत्रों ने रविवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में चंद्रेसल मठ में लंबे समय से रह रहा पुजारी नंदन वन उर्फ नन्हे कुमार तिवारी और पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग का कर्मचारी और स्मारक प्रचारक महावीर प्रसाद पारेता शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों की हत्याकांड में सक्रिय भूमिका रही। घटना से चार दिन पहले दोनों की हत्यारों से मुलाकात हुई थी और उन्होंने मठ की पूरी जानकारी आरोपियों को उपलब्ध कराई थी। जांच में सामने आया है कि हत्या के बाद मठ की तिजोरी तोड़कर नकदी निकालने और बाहर खड़े वाहन में आग लगाने की योजना बनाई गई थी, ताकि वारदात को लूट या डकैती का रूप दिया जा सके।
दरअसल महंत देवानंद की बढ़ती सक्रियता से दोनों आरोपी नाराज थे और मठ की संपत्ति और ट्रस्ट में हिस्सेदारी चाहते थे। इसी वजह से मुख्य साजिशकर्ता संतोष राय के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची गई।
उल्लेखनीय है कि पांच जून की रात चंद्रेसल मठ में महंत देवानंद की धारदार हथियारों से हमला करके हत्या कर दी गई थी।
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