रायपुर , अगस्त 16 -- छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक अजय चंद्राकर ने झारखंड में छात्रों के आंदोलन, वंदे मातरम से जुड़े विवाद और सोशल मीडिया पर वायरल अपने कथित वीडियो को लेकर रविवार को कांग्रेस पर निशाना साधा।
उन्होंने झारखंड के छात्र आंदोलन पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वह जूता चोरी होने के डर से झारखंड नहीं जा रहे हैं तो उन्हें नया जूता दे दिया जाएगा।
श्री अजय चंद्राकर ने राजधानी में संवाददाताओं से बातचीत में श्री भूपेश बघेल पर तंज कसते हुए कहा कि वह हवा चलने, पानी गिरने और धूप को लेकर भी जांच की मांग कर सकते हैं, लेकिन झारखंड के छात्रों के आंदोलन पर नहीं बोल सकते। उन्होंने कहा, "अगर वह जूता चोरी होने के डर से झारखंड नहीं जा रहे हैं, तो हम उन्हें नया जूता दे देंगे।"उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से सशस्त्र नक्सलवाद समाप्त होने और वैचारिक नक्सलवाद शेष रहने संबंधी बयान के संदर्भ में कांग्रेस पर भी हमला बोला।
कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के गायन को रोकने की कथित घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्र के सम्मान और देशभक्ति से जुड़ी चीजों का विरोध करना एक तरह की नक्सली मानसिकता है। ऐसे लोगों को राष्ट्र और राज्य की व्यवस्था पर भरोसा नहीं है और वे अपना एजेंडा लागू करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "जो देश का विरोध करते हैं, वो नक्सलाइट है।"उन्होंने कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में वंदे मातरम के गायन को कथित रूप से रोके जाने के मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं के कारण ही विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। वंदे मातरम राष्ट्र की अस्मिता और देशभक्ति का प्रतीक है और तुष्टिकरण के लिए इसका अपमान किया गया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से यदि यह तर्क दिया जा रहा है कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मंगाई जा रही थी और राष्ट्रीय गीत का पूरा गायन हुआ था, तो उसका पूरा वीडियो देश की जनता के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग दोहराई।
सोशल मीडिया पर वायरल अपने कथित वीडियो से जुड़े विवाद पर अजय चंद्राकर ने कहा कि धमतरी में भाजपा पदाधिकारियों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सुप्रिया श्रीनेत, पवन खेड़ा समेत अन्य नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राष्ट्रीय पर्व का राजनीतिक इस्तेमाल किया और इसके लिए जिम्मेदार नेताओं के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास जनहित का कोई मुद्दा नहीं बचा है और यदि ऐसी राजनीति जारी रही तो जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी। अजय चंद्राकर ने संबंधित कांग्रेस नेताओं से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग भी की।
भाजपा विधायक ने वायरल वीडियो को लेकर कहा कि यह कुरुद के प्रशिक्षण शिविर का पुराना वीडियो है, जिसे 15 अगस्त के कार्यक्रम से जोड़कर प्रचारित किया गया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष धमतरी में शासन की ओर से उन्हें ध्वजारोहण के लिए अतिथि बनाया गया था और वहां पूरे प्रोटोकॉल के तहत ध्वजारोहण हुआ।
विधायक चंद्राकर ने कहा कि वीडियो की वास्तविकता प्रशासन से सत्यापित की जा सकती थी, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने बिना सत्यापन के इसे देशभर में वायरल किया।
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