चित्तूर , मई 23 -- आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को पर्यावरण संरक्षण और पानी के बुद्धिमत्तापूर्ण इस्तेमाल को लेकर जनता से एक बड़ा आह्वान करते हुए राज्य को सूखा-मुक्त बनाने और भूजल स्तर सुधारने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किए हैं।

मुख्यमंत्री ने जिले के पुथलापट्टू चुनाव क्षेत्र के यादरी गांव में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यावरण बचाने और पानी के सही इस्तेमाल की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि पानी के अच्छे प्रबंधन से राज्य को पानी के स्रोत बचाने और भू-जल स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि हंड्री-नीवा नहर के जरिए पानी रायलसीमा के आखिरी इलाकों तक पहुंच गया है।

श्री नायडू ने कहा, "अन्नामय्या जिले में सरकार के हस्तक्षेप से भू-जल स्तर में सुधार हुआ है, जिससे हरियाली बढ़ी है और तापमान कम हुआ है।" मुख्यमंत्री ने लोगों से पानी बचाने की अपील की और सिंचाई परियोजना को पूरा करने के सरकार के वादे को दोहराया। उन्होंने कहा कि काम एक जारी कैलेंडर के हिसाब से प्रगति पर है।

उन्होंने घोषणा की कि कृष्णा का पानी पुथलापट्टू से चित्तूर तक लाने के लिए नीवा परियोजना का काम पूरा किया जाएगा, जिसका मतलब है कि पानी श्रीशैलम मल्लन्ना से तिरुपति वेंकन्ना तक प्रवाहित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोडुरु तक गैलेरू-नागरी और मल्लेमदुगु बालाजी जलाशय का काम दिसंबर 2028 तक पूरा हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सोमशिला-स्वर्णमुखी लिंक नहर जून 2028 तक पूरा होने का लक्ष्य है और पुट्टपर्थी में पांचवीं पीढ़ी की लड़ाकू विमान निर्माण परियोजना की नींव रखी गई है, जिससे रायलसीमा इलाका रक्षा विनिर्माण केंद्र में बदल जाएगा।

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