नयी दिल्ली , अक्टूबर 18 -- 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप में अब एक साल से भी कम समय बचा है। ऐसे में वेस्टइंडीज के पूर्व बल्लेबाज शिवनारायण चंद्रपॉल ने शनिवार को भरोसा जताया कि दो बार का विश्व चैंपियन वेस्टइंडीज क्वालीफायर के जरिए टूर्नामेंट में जगह बनाने में सफल रहेगा। टीम 30 सितंबर की निर्धारित समयसीमा तक सीधे क्वालीफाई करने में नाकाम रही थी।

कैरेबियाई टीम को अब अगले साल फरवरी में होने वाले क्वालीफायर के जरिए विश्व कप में जगह बनानी होगी। वेस्टइंडीज को 2023 विश्व कप से पहले भी इसी चुनौती का सामना करना पड़ा था, लेकिन टीम सुपर सिक्स चरण में पांचवें स्थान पर रहने के कारण आगे नहीं बढ़ सकी थी। यह अभियान वेस्टइंडीज क्रिकेट के इतिहास में एक बड़ा झटका साबित हुआ। टीम पहली बार वनडे विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रही और इसके बाद 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में भी जगह नहीं बना सकी। वेस्टइंडीज 2013 के बाद पहली बार इस टूर्नामेंट से बाहर रहा।

हालांकि, चंद्रपॉल को इन नाकामियों की चिंता नहीं है। उन्होंने शाई होप की अगुआई वाली टीम का समर्थन करते हुए कहा कि वह दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले प्रतिष्ठित वनडे टूर्नामेंट में जगह बनाने में सफल रहेगी।

चंद्रपॉल ने क्रिकेटाआ के सहयोग से आयोजित वर्चुअल बातचीत में यूनीवार्ता से कहा, "खिलाड़ियों को पता है कि इस समय हमारी स्थिति क्या है। वे विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने के लिए निश्चित रूप से पूरी ताकत लगाएंगे। हम पहली बार इस स्थिति में नहीं हैं, इसलिए खिलाड़ी एक बार फिर ऐसा कर सकते हैं और विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर सकते हैं।"52 वर्षीय बाएं हाथ के पूर्व बल्लेबाज इन दिनों वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स में वेस्टइंडीज चैंपियंस के लिए खेल रहे हैं और टीम को कोचिंग भी दे रहे हैं। उन्होंने शाई होप की जमकर तारीफ की, जिन्होंने भारत दौरे पर तीन वनडे और चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में चार शतक लगाए। हालांकि, वेस्टइंडीज वनडे सीरीज 1-2 से हार गया, जबकि पांच मैचों की टी20 सीरीज 2-2 से बराबर रही। बेंगलुरु में शनिवार को खेला जाने वाला पांचवां और अंतिम टी20 मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया।

होप की बल्लेबाजी के बारे में चंद्रपॉल ने कहा, "वह गेंद को गैप में खेलते हैं और आसानी से बाउंड्री हासिल कर लेते हैं। जब गेंद आगे की ओर डाली जाती है और उसे ऊपर से मारने का मौका मिलता है, तो वह फील्डरों के ऊपर से शॉट खेलते हैं। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में उनके खेल में काफी सुधार हुआ है। अब वह पहले से ज्यादा परिपक्व और आत्मविश्वासी हैं। उन्हें अपने खेल पर भरोसा है।"होप की तारीफ करने के साथ ही चंद्रपॉल ने जोर दिया कि वेस्टइंडीज केवल एक या दो खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं रह सकता। उनके मुताबिक, मौजूदा टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो अपने दम पर मैच का रुख बदल सकते हैं।

उन्होंने कहा, "वेस्टइंडीज की टीम में अन्य खिलाड़ी भी हैं। रोवमैन पॉवेल और टीम के बाकी खिलाड़ी भी मैच जिताने की क्षमता रखते हैं। किसी भी समय ये खिलाड़ी अपनी टीम को जीत दिला सकते हैं।" उन्होंने कहा, "हम उन दो खिलाड़ियों की बात करते हैं जो इस समय अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। शाई होप अच्छा खेल रहे हैं और अपनी टीम को जीत तक पहुंचाने में मदद कर रहे हैं, जो अच्छी बात है। लेकिन टीम में दूसरे मैच विजेता भी हैं। हम उन्हें नजरअंदाज नहीं कर सकते। वे भी योगदान देंगे और किसी भी समय अपने दम पर मैच जिता सकते हैं।"फ्रेंचाइजी लीग से प्रतिभाओं को मिल रहे मौकेवेस्टइंडीज के पूर्व नंबर तीन बल्लेबाज ने कहा कि दुनिया भर में आयोजित होने वाली फ्रेंचाइजी लीग ने प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए पहचान बनाने और अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के अवसर हासिल करना आसान कर दिया है। उनके अनुसार, टी20 लीग के वैश्विक विस्तार से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के ज्यादा मौके मिल रहे हैं। हालांकि, तीनों प्रारूपों में खेलने वाले खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर चर्चा भी बढ़ रही है।

चंद्रपॉल ने कहा, "यह अच्छी बात है कि दुनिया भर में टी20 क्रिकेट खेला जा रहा है, क्योंकि इससे हमें सभी क्रिकेटरों को देखने का मौका मिलता है।" उन्होंने कहा, "पहले हमें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए अपने देश पर निर्भर नहीं रहना पड़ता था। अब दुनिया के हर हिस्से में कई अलग-अलग लीग शुरू हो गई हैं। इससे ज्यादा खिलाड़ियों को देखने का मौका मिलता है। खिलाड़ी सक्रिय रहते हैं और क्रिकेट खेलते रहते हैं। हम भी यही देखना चाहते हैं।"उन्होंने कहा, "आप चाहते हैं कि खिलाड़ी मैदान पर सक्रिय रहें और क्रिकेट खेलें। इसके बाद आप अपने देश के लिए खेलने के लिए खिलाड़ियों का चयन कर सकते हैं। अगर आपको लगता है कि कोई खिलाड़ी इतना अच्छा है कि वह अपने देश का प्रतिनिधित्व कर सकता है, तो आपको उसे चुनने का मौका मिलता है। लेकिन अगर इतनी सारी लीग नहीं हों, तो इन खिलाड़ियों को देख पाना मुश्किल होगा।"इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के शुरुआती सत्रों में खेलने वाले और तीन टी20 विश्व कप में हिस्सा लेने वाले चंद्रपॉल ने अपने खेल के दिनों से लेकर अब तक टी20 क्रिकेट में आए बड़े बदलावों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि आंकड़ों की उपलब्धता और बल्लेबाजी के नए तरीकों ने इस प्रारूप में रन बनाने के पैटर्न को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने कहा, "जब मैंने आईपीएल में खेलना शुरू किया था, तब से टी20 क्रिकेट काफी आगे बढ़ चुका है। उस समय हम यह समझने की कोशिश करते थे कि सामान्य स्कोर कितना होना चाहिए, कौन सा स्कोर औसत माना जाएगा और कौन सा स्कोर जीत दिला सकता है। हम हर चीज का अनुमान लगाने की कोशिश करते थे। उस समय हमारे पास इतने आंकड़े नहीं थे, जिनसे पता चल सके कि किसी मैदान पर औसत या जीत दिलाने वाला स्कोर कितना होना चाहिए।"उन्होंने कहा, "मैंने तीन टी20 विश्व कप खेले, लेकिन उस समय भी इस बारे में ज्यादा आंकड़े उपलब्ध नहीं थे कि किसी मैदान पर जीत के लिए कितना स्कोर पर्याप्त होगा। अब काफी जानकारी उपलब्ध है और खिलाड़ी पहले की तुलना में कहीं ज्यादा तरह के शॉट खेल रहे हैं। वे इन शॉट के साथ सफल भी हो रहे हैं।"चंद्रपॉल ने कहा, "पहले जहां 150 रन को जीत के लिए अच्छा स्कोर माना जाता था, वहीं अब कई बार 250 रन भी बन रहे हैं। इसके बावजूद टीमें इतने बड़े स्कोर का पीछा करने की कोशिश करती हैं।"ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चंद्रपॉल की शानदार बल्लेबाजीशारजाह में चंद्रपॉल ने अपनी पुरानी बल्लेबाजी की झलक दिखाते हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस के खिलाफ नाबाद 27 गेंदों में 41 रन बनाए। उनकी पारी में तीन छक्के शामिल थे। इस प्रदर्शन की मदद से वेस्टइंडीज चैंपियंस ने फाइनल में जगह बनाई, जहां रविवार को उसका सामना इंग्लैंड से होना है।

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