चंदौली , जून 8 -- चंदौली के बहुचर्चित मनोज कुमार हत्याकांड का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। रेलवे में लोको पायलट के पद पर तैनात कृष्ण भगवान सिंह ने अपने ऊपर बढ़ते कर्ज, ब्याज के दबाव और पारिवारिक विवाद से परेशान होकर कोयला मंडी के मुनीम मनोज कुमार की हत्या की साजिश रची थी। इस सनसनीखेज वारदात के लिए बिहार से दो शूटरों को डेढ़ लाख रुपये की सुपारी देकर बुलाया गया था।

गौरतलब है कि छह जून को कोयला मंडी के धर्मकांटा पर काम करने वाले मनोज कुमार अचानक यह कहकर कार्यस्थल से निकले कि उन्हें किसी परिचित के एक्सीडेंट की सूचना मिली है और वह अस्पताल जा रहे हैं। कुछ देर बाद टड़िया-पटपरा मार्ग पर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

मामले की जांच के दौरान पुलिस को मृतक के पास एक डायरी मिली, जिसमें कई लोगों को ब्याज पर पैसे देने का जिक्र था। सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच में एक संदिग्ध कॉल सामने आई, जो पुलिस को सीधे रेलवे के लोको पायलट कृष्ण भगवान सिंह तक ले गई।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि वर्ष 2020 में कृष्ण भगवान ने मनोज कुमार से लगभग तीन लाख रुपये ब्याज पर उधार लिए थे। शुरुआती किस्तें देने के बाद बीमारी और पारिवारिक समस्याओं के कारण वह बाकी रकम नहीं चुका सका। धीरे-धीरे ब्याज सहित रकम करीब 7 लाख रुपये तक पहुंच गई।

पुलिस के अनुसार, कृष्ण भगवान ने पूछताछ में बताया कि मनोज लगातार पैसे के लिए दबाव बना रहा था और उसके घर भी आता-जाता था। उसने यह भी आरोप लगाया कि मृतक उसकी बहू पर गलत नजर रखता था। इसी वजह से वह मानसिक रूप से परेशान और आक्रोशित था।

कृष्ण भगवान ने अपने गांव के परिचित भरत सिंह से संपर्क किया। भरत सिंह ने डेढ़ लाख रुपये लेकर हत्या कराने की जिम्मेदारी ली और अपने साथ एक अन्य शूटर सूरज उर्फ राजेश को भी शामिल किया। पिस्टल की व्यवस्था के लिए 45 हजार रुपये नकद दिए गए। जनसेवा केंद्र के माध्यम से 45 हजार रुपये खाते में भेजे गए जबकि शेष रकम हत्या के बाद देने की बात तय हुई।तीन जून को दोनों शूटर मुगलसराय पहुंचे, जहां कृष्ण भगवान ने उन्हें अपने परिचित के खाली मकान में ठहराया। अगले दो दिनों तक घटनास्थल, रास्तों और भागने के रूट की रेकी की गई।

छह जून को कृष्ण भगवान एक मिठाई की दुकान पर पहुंचा और दुकान कर्मचारी का मोबाइल लेकर मनोज को फोन किया। उसने ब्याज की रकम लौटाने का बहाना बनाकर लोको कॉलोनी के राम मंदिर के पास बुलाया। इसके बाद मनोज को रुपये दिलाने के बहाने टड़िया गांव की तरफ साइकिल से ले जाया गया, जबकि पीछे से बाइक पर दोनों शूटर पीछा कर रहे थे।

पटपरा गांव के पास कृष्ण भगवान ने पेशाब करने के बहाने साइकिल रोक दी। तभी पीछे से आए शूटरों ने हमला कर दिया।

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि शूटर सूरज उर्फ राजेश ने पहले मनोज कुमार के सिर में गोली मारी। जमीन पर गिरने के बाद मौत सुनिश्चित करने के लिए उसके सीने में दूसरी गोली मारी गई।

वारदात के बाद दोनों शूटर बाइक से बिहार की तरफ भाग निकले जबकि कृष्ण भगवान अपने सरकारी आवास लौट गया और सामान्य दिखने के लिए रेलवे ड्यूटी पर भी चला गया। पुलिस ने शूटर सूरज उर्फ राजेश को गिरफ्तार कर लिया। असलहे की बरामदगी के दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल जिला अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।

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