रायपुर , मई 11 -- ) छत्तीसगढ़ में रायपुर से लगे चंदखुरी स्थित माता कौशल्या धाम में भगवान श्रीराम की प्रस्तावित नयी प्रतिमा की स्थापना अब तक नहीं हो सकी है।
करीब 51 फीट ऊंची यह प्रतिमा पिछले लगभग तीन महीने से खुले परिसर में रखी हुई है, जबकि इसे पूर्व विवादित प्रतिमा के स्थान पर स्थापित किया जाना है। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, माता कौशल्या धाम में पूर्व में स्थापित भगवान श्रीराम की प्रतिमा के स्वरूप को लेकर लंबे समय से विवाद बना हुआ था। विभिन्न धार्मिक मंचों और सोशल मीडिया पर प्रतिमा के चेहरे और स्वरूप को भगवान श्रीराम के अनुरूप नहीं बताए जाने के बाद नयी प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया गया था।
नयी प्रतिमा का निर्माण ग्वालियर के मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा और उनकी टीम द्वारा किया गया है। वनवासी स्वरूप में तैयार यह विशाल प्रतिमा विशेष मिंट स्टोन से निर्मित बताई जा रही है। प्रतिमा निर्माण कार्य में करीब 25 कलाकारों ने योगदान दिया।
सूत्रों के अनुसार, प्रतिमा निर्माण के दौरान भुगतान को लेकर ठेकेदार और मूर्तिकार के बीच विवाद भी सामने आया था, जिसके चलते प्रतिमा कुछ समय तक ग्वालियर में ही रुकी रही। इस दौरान मूर्तिकार द्वारा इसे ग्वालियर के किसी मंदिर में स्थापित करने की बात भी कही गई थी। बाद में भुगतान प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात प्रतिमा को रायपुर लाया गया। यह प्रतिमा 22 फरवरी को रायपुर पहुंची थी और शीघ्र स्थापना का दावा किया गया था, लेकिन अब तक स्थापना की तिथि और मुहूर्त तय नहीं हो सका है।
धार्मिक महत्व के कारण यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। चंदखुरी को भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है और माता कौशल्या धाम की देशभर में विशेष धार्मिक पहचान है। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित प्रतिमा का लंबे समय तक खुले मैदान में रखा रहना कई सवाल खड़े कर रहा है।
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