चंडीगढ़ , जून 22 -- केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ शहर में व्हाइट नंबर प्लेट (निजी) बाइक्स के जरिए कथित तौर पर कमर्शियल गतिविधियां किये जाने को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। सेक्टर-43 बस स्टैंड के बाहर खुलेआम ऐसे बोर्ड लगे होने की चर्चा है, जिनमें बाइक्स अटैच करवाने और प्रतिदिन कमाई का दावा किया जा रहा है। इससे टैक्सी और कमर्शियल वाहन चालकों में नाराजगी बढ़ रही है।
दूसरी ओर, पिछले करीब 20 दिनों से टैक्सी ड्राइवर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सेक्टर-25 में धरने पर बैठे हुए हैं। गुरुवार को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वडिंग भी धरनास्थल पर ड्राइवरों से मिलने पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं।
धरने पर बैठे ड्राइवरों का कहना है कि एग्रीगेटर पॉलिसी को प्रभावी ढंग से लागू किया जाये तथा व्हाइट नंबर प्लेट वाले निजी वाहन और बाइक्स को कमर्शियल टैक्सी सेवाओं में इस्तेमाल करने से रोका जाये। उनका तर्क है कि कमर्शियल वाहनों पर अलग टैक्स, महंगा बीमा और अन्य कई खर्चे होते हैं, जबकि निजी वाहन इन नियमों से बचकर समान व्यवसाय कर रहे हैं।
टैक्सी चालकों की यह भी मांग है कि किराया दरों (फेयर रेट) की समीक्षा कर उन्हें बढ़ाया जाये, क्योंकि पेट्रोल और सीएनजी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से उनकी आय प्रभावित हो रही है। ड्राइवरों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
कुछ टैक्सी चालकों का आरोप है कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निजी बाइक्स को कमर्शियल कार्यों से जोड़ने का काम खुलेआम जारी है, जिससे नियमों के समान पालन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
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