चंडीगढ़ , अगस्त 10 -- पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र का जहां सोमवार को अंतिम दिन है और विधानसभा में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी ओर चंडीगढ़ के सेक्टर-44 में किसान संगठनों की ओर से किसान विधानसभा का आयोजन किया गया। इस किसान विधानसभा में करीब 16 किसान प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं को सदन के सामने रखा।
किसान प्रतिनिधियों ने किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), बिजली के बिलों और अन्य कृषि संबंधी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का मुद्दा भी किसान विधानसभा में रखा गया।
किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि किसानों की समस्याओं पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए और जमीनी स्तर पर उनका समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। किसान विधानसभा में विभिन्न प्रस्तावों और समस्याओं पर चर्चा के बाद इन्हें सरकार के समक्ष रखने की बात कही गई।
किसान विधानसभा में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस तरह के मंच किसानों की समस्याओं को एकजुट होकर सरकार तक पहुंचाने का माध्यम हैं।
किसान विधानसभा में सुख गिल मोगा को स्पीकर की भूमिका में रखा गया। उन्होंने कहा कि किसान प्रतिनिधियों द्वारा सदन में रखे गए सभी प्रस्तावों और समस्याओं को सरकार के समक्ष जरूर पेश किया जाएगा, ताकि किसानों की मांगों पर उचित कार्रवाई हो सके।
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