चंडीगढ़ , जुलाई 10 -- संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) और भारतीय किसान यूनियन (डकौंदा) के नेतृत्व में शुक्रवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-34 स्थित प्रदर्शनी ग्राउंड में किसान महापड़ाव आयोजित किया गया। इस दौरान पंजाब के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में किसान चंडीगढ़ पहुंचे और शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन किया।
किसान संगठनों ने केंद्र और पंजाब सरकार पर किसानों की मांगों की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाया। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार कृषि और किसानों से जुड़े अहम मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखा रही है। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी गारंटी देने, किसानों और खेत मजदूरों का कर्ज माफ करने, फसलों के उचित दाम सुनिश्चित करने, भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों का समाधान करने तथा कृषि क्षेत्र से संबंधित अन्य लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
किसान नेताओं ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई संतोषजनक कदम नहीं उठाया गया। इसी के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान महापड़ाव आयोजित किया गया।
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