चंडीगढ़ , जून 23 -- हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष ने कहा कि चंडीगढ़ लंबे समय से खेल उत्कृष्टता का केंद्र रहा है और यहां से देश को अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी मिले हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्तमान में प्रशिक्षण ले रहे युवा खिलाड़ी भविष्य में भारत की हॉकी विरासत को आगे बढ़ाते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेंगे।

राज्यपाल सेक्टर-42 स्थित हॉकी स्टेडियम सेक्टर-42 में 'ओलंपिक दिवस' के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मित्रा घोष भी उपस्थित रहीं।

उन्होंने खिलाड़ियों से अनुशासन, समर्पण और निरंतर मेहनत के साथ खेलों में उत्कृष्टता हासिल करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का भी सशक्त साधन हैं। खेल जीवन में अनुशासन, धैर्य, संघर्ष से लड़ने की क्षमता और टीम भावना विकसित करते हैं।

उन्होंने हॉकी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह खेल भारत की गौरवशाली विरासत और पहचान का प्रतीक है। भारतीय हॉकी ने देश को अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां दी हैं और आज भी युवाओं को प्रेरित कर रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय हॉकी का हालिया प्रदर्शन समर्पण और टीम भावना की मिसाल है।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने विभिन्न टीमों से परिचय प्राप्त किया, हॉकी मुकाबलों का अवलोकन किया तथा विजेता और प्रतिभागी खिलाड़ियों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर डॉ. चंद्र शेखर, पी. भरत, करण गिलहोत्रा, डॉ. पुष्पिंदरजीत सिंह, अनिल वोहरा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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