चंडीगढ़ , सितंबर 23 -- चंडीगढ़ को देश का पहला नशामुक्त केंद्र शासित प्रदेश बनाने के लक्ष्य के साथ प्रशासन ने नशे के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। बुधवार को एंटी-ड्रग हेल्पलाइन नंबर के शुभारंभ के दौरान पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में पुलिस और प्रशासन के साथ जनता की भागीदारी भी बहुत जरूरी है।
श्री कटारिया ने कहा कि वर्ष 2020 से नशामुक्त भारत अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। पंजाब में नशा एक बड़ी समस्या है और बॉर्डर तथा आसपास के क्षेत्रों में चुनौती अधिक गंभीर है। चंडीगढ़ में 11 सितंबर से नशे की बिक्री और तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 118 एफआईआर दर्ज कर 120 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि नशे की तस्करी से जुड़ी कोई भी जानकारी हेल्पलाइन के माध्यम से पुलिस तक पहुंचाएं। सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। श्री कटारिया ने कहा कि केवल नशा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों को उपचार और पुनर्वास के माध्यम से समाज की मुख्यधारा में वापस लाना भी जरूरी है।
उन्होंने परिवारों से अपील की कि नशे की समस्या को बदनामी समझकर न छिपाएं। उन्होंने कहा, "उस बच्चे का नशे का आदी होना अपराध नहीं है, उसे नशे से बाहर निकालने का प्रयास न करना बड़ा अपराध है।"चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशक ने बताया कि नशे के खिलाफ विशेष अभियान के दौरान हॉटस्पॉट क्षेत्रों में घेराबंदी कर संदिग्धों पर कार्रवाई की गई है। स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग, पुलिस और अन्य एजेंसियां अभियान में सहयोग कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि हेल्पलाइन पर मिलने वाली सूचनाओं को चार श्रेणियों में बांटकर कार्रवाई की जाएगी। तत्काल और विश्वसनीय सूचना मिलने पर एसएसपी विशेष टीम के माध्यम से तुरंत कार्रवाई कराएंगे, जबकि सामान्य शिकायतों और अन्य सूचनाओं को मादक पदार्थ निरोधक विशेष कार्य बल के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा।
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