चंडीगढ़ , जुलाई 08 -- चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा आवंटित सरकारी आवासों में रहने वाले हरियाणा सरकार के कर्मचारियों के लिए रूफटॉप सोलर ऊर्जा प्रणाली से संबंधित अंडरटेकिंग फॉर्म जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और मुख्य प्रशासकों को निर्देश दिये हैं कि पात्र कर्मचारी 10 जुलाई, 2026 तक निर्धारित प्रारूप में अपना विकल्प/सहमति पत्र विभागाध्यक्षों के माध्यम से जमा करायें।
यह कदम केंद्र सरकार की सरकारी आवासों पर शत-प्रतिशत रूफटॉप सोलर प्रणाली स्थापित करने की पहल के तहत उठाया गया है। चंडीगढ़ प्रशासन की हाउस अलॉटमेंट कमेटी के अनुसार कर्मचारियों को फॉर्म में यह बताना होगा कि वे सोलर संयंत्र से उत्पादित बिजली का उपयोग कर निर्धारित यूजर चार्ज का भुगतान करेंगे, इस सुविधा का उपयोग नहीं करेंगे या यह विकल्प उन पर लागू नहीं होता।
जो कर्मचारी सोलर सुविधा का उपयोग करेंगे, उन्हें निर्धारित शुल्क देना होगा और रखरखाव के लिए अधिकृत कर्मियों को परिसर में प्रवेश की अनुमति भी देनी होगी। वहीं, सुविधा का उपयोग नहीं करने की स्थिति में सोलर संयंत्र से उत्पादित बिजली ग्रॉस मीटरिंग प्रणाली के तहत विद्युत वितरण लाइसेंसधारी को हस्तांतरित कर दी जाएगी।
हाउस अलॉटमेंट कमेटी ने स्पष्ट किया है कि यदि 10 जुलाई तक किसी कर्मचारी का अंडरटेकिंग फॉर्म प्राप्त नहीं होता है, तो इसे रूफटॉप सोलर ऊर्जा सुविधा के उपयोग के लिए उसकी असहमति माना जाएगा। सभी विभागों को समय सीमा के भीतर फॉर्म एकत्र कर कमेटी को भेजने के निर्देश दिये गये हैं।
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