बैतूल , जुलाई 21 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के ताप्ती नदी स्थित घोघरी बांध से भीषण जल संकट के दौरान बुरहानपुर शहर की पेयजल आपूर्ति के लिए छोड़े गए करीब 700 करोड़ लीटर पानी का 37 लाख रुपये का भुगतान अब तक नहीं हो सका है। जल संसाधन विभाग के मुलताई संभाग ने बकाया राशि जमा कराने के लिए बुरहानपुर जिला प्रशासन को नोटिस जारी किया है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार मई और जून 2026 में बुरहानपुर में पेयजल संकट गहराने पर जिला प्रशासन के अनुरोध पर 20 मई से घोघरी बांध से लगातार पानी छोड़ा गया था। ताप्ती नदी के प्राकृतिक प्रवाह के माध्यम से यह पानी बुरहानपुर पहुंचा, जिससे नगर निगम क्षेत्र की करीब ढाई लाख आबादी के लिए लगभग चार माह की पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सकी।
जल संसाधन विभाग ने छोड़े गए पानी की मात्रा का आकलन कर निर्धारित दरों के अनुसार 37 लाख रुपये का शुल्क तय किया था। विभाग ने जून माह में ही भुगतान के लिए डिमांड नोट बुरहानपुर जिला प्रशासन को भेज दिया था, लेकिन दो माह बीत जाने के बाद भी राशि जमा नहीं कराई गई। मुलताई संभाग के कार्यपालन यंत्री बलवंत मर्सकोले ने बताया कि पहले डिमांड नोट भेजा गया था, लेकिन भुगतान नहीं होने पर अब पुनः नोटिस जारी कर शीघ्र राशि जमा कराने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि विभाग भुगतान की प्रतीक्षा कर रहा है।
उन्होंने बताया कि घोघरी बांध से बुरहानपुर तक ताप्ती नदी के माध्यम से पानी लगभग 229 किलोमीटर की दूरी तय कर पहुंचता है। बैतूल और बुरहानपुर के बीच करीब 400 मीटर की ऊंचाई का अंतर होने के कारण पानी प्राकृतिक ढलान से बिना अतिरिक्त पंपिंग के बुरहानपुर तक पहुंच जाता है। इसी भौगोलिक विशेषता के कारण जल संकट के समय घोघरी बांध बुरहानपुर के लिए महत्वपूर्ण पेयजल स्रोत साबित हुआ। जल संसाधन विभाग का कहना है कि बकाया राशि की वसूली की प्रक्रिया तेज कर दी गई है और निर्धारित शुल्क जमा होने के बाद ही इस आपूर्ति का वित्तीय लेखा-जोखा पूरा माना जाएगा।
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