ऊना , फरवरी 15 -- ऊना जिले से होशियारपुर जाने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि बीच में 65 वर्ष पुराने घालुवाल-झलेरा पुल में कई दरारें आ गयी हैं। इस पुल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दो राज्यों को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग की खराब होती स्थिति पर संबंधित विभाग पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा है।
स्वां नदी पर झलेरा और घालुवाल के बीच बना यह पुल वर्ष 1962 में निर्मित हुआ था। पिछले 63 वर्षों में इसने कई बाढ़ों का सामना किया है। समय-समय पर करोड़ों रुपये खर्च कर इसकी मरम्मत की गई, लेकिन हर बार केवल अस्थायी समाधान ही किया गया।
करीब दो वर्ष पहले तेज धारा के कारण पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे इसे कई दिनों तक बंद रखना पड़ा। उस समय स्थानीय निवासियों ने सरकार और प्रशासन से नए पुल के निर्माण की मांग की थी। पिछले वर्ष जून में केंद्र सरकार ने नए दो-लेन पुल के निर्माण को मंजूरी दे दी थी, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ रही है।
वर्तमान में पुराने पुल के पिलरों और स्लैब में दरारें स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं, जिससे संभावित खतरे की आशंका जताई जा रही है। पुराने पुल के पास 36.93 करोड़ रुपये की लागत से नए दो-लेन पुल के निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले युद्ध स्तर पर नए पुल का निर्माण कार्य शुरू किया जाए।
प्रतिदिन हजारों वाहन इस पुल से गुजरते हैं, जिनमें लगभग 90 प्रतिशत वाहन पंजाब और हिमाचल प्रदेश से संबंधित होते हैं। नंगल, हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी और अन्य क्षेत्रों के लिए जाने वाले वाहन भी इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। जालंधर और अमृतसर जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है।
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