रांची , जुलाई 02 -- झारखंड के पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद में पति ने पेट्रोल डालकर जलाई गई महिला की आखिरकार एक महीने 12 दिन बाद मौत हो गई।
मृतका ने मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से मृतका के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। मृतका की पहचान छतरपुर थाना क्षेत्र के डाली गांव निवासी गुरुदेव सिंह की 25 वर्षीय पत्नी उषा देवी के रूप में की गई है। परिजनों के अनुसार, गत 19 मई की रात को पति-पत्नी के बीच मायके जाने की बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था। विवाद बढ़ने पर आक्रोशित पति गुरुदेव सिंह ने अपनी पत्नी उषा देवी पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई थीं।
घटना के तुरंत बाद परिजनों द्वारा घायल उषा देवी को इलाज के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया था। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स रेफर कर दिया था।
रिम्स में कुछ दिनों तक चले इलाज के बाद परिजन उन्हें वापस घर ले आए थे। इसी बीच, बीते गुरुवार को अचानक उषा देवी की तबीयत फिर से बिगड़ गई। आनन-फानन में परिजन उन्हें दोबारा मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस घटना को लेकर मृतका के परिजनों ने छतरपुर थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि घटना को हुए एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है और पीड़िता की मौत भी हो चुकी है, लेकिन आरोपी पति अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
अस्पताल से मौत की सूचना मिलने के बाद अस्पताल पुलिस चौकी के पुलिस पदाधिकारी और जवान विकास कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों से घटना के संबंध में पूरी जानकारी ली और शव का इन्क्वेस्ट (पंचनामा) तैयार कर आज उसे अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए भेज दिया है। इस दर्दनाक घटना के बाद से मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे प्रशासन से जल्द से जल्द आरोपी की गिरफ्तारी और न्याय की मांग कर रहे हैं।
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